धार। मध्य प्रदेश के धार जिले से घरेलू हिंसा और हत्या का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को अपने लकवाग्रस्त बेटे के इलाज के लिए पति से रुपये मांगना भारी पड़ गया। सरदारपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बाण्डीखाली में पति राजेश मंडोर ने कथित तौर पर पत्नी सन्नूबाई के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि विवाद के दौरान उसने पत्नी को दीवार पर पटक दिया और जमीन पर गिरने के बाद उसके पेट तथा सीने पर पैरों से कई वार किए। गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण महिला की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी पति ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के बाइक से गिरकर घायल होने की कहानी सुनाई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी पोल खोल दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बीमार बेटे के इलाज के लिए मांगे थे रुपये
जानकारी के अनुसार, यह घटना 16 अक्टूबर 2026 की है। ग्राम बाण्डीखाली निवासी राजेश मंडोर की पत्नी सन्नूबाई अपने लकवाग्रस्त बेटे साहिल के इलाज को लेकर परेशान थी। बेटे के उपचार के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी कारण उसने पति राजेश से रुपये मांगे।
बताया जा रहा है कि राजेश ने पत्नी को रुपये नहीं होने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामूली विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।पुलिस जांच के अनुसार, विवाद के दौरान राजेश ने अपना आपा खो दिया और पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। बेटे के इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने वाली महिला को अंदाजा भी नहीं था कि यह विवाद उसकी जान ले लेगा।
दीवार पर पटककर पेट और सीने पर किए वार
पुलिस के मुताबिक, गुस्से में आरोपी राजेश ने सन्नूबाई को पीछे से पकड़कर दीवार पर पटक दिया। दीवार से टकराने के बाद महिला जमीन पर गिर गई।इसके बावजूद आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। आरोप है कि उसने जमीन पर गिरी पत्नी के पेट और सीने पर पैरों से कई बार प्रहार किए।हमले के कारण महिला को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और वह बेहोश हो गई। घटना के बाद घर में अफरातफरी की स्थिति बन गई।मारपीट में महिला के शरीर के अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। हालांकि, उस समय चोटों की वास्तविक गंभीरता का पता नहीं चल सका।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
घटना के बाद राजेश मंडोर एक अन्य व्यक्ति की मदद से घायल पत्नी सन्नूबाई को राजगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा।अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।महिला की मौत के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शुरुआत में आरोपी पति ने घटना के संबंध में अलग कहानी बताई।उसने दावा किया कि सन्नूबाई मोटरसाइकिल से गिर गई थी और इसी कारण उसे गंभीर चोटें आई थीं। आरोपी ने कथित तौर पर इसी कहानी के जरिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
हालांकि, पुलिस को महिला की मौत की परिस्थितियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद मामले की गहराई से जांच शुरू की गई।
बाइक से गिरने की कहानी निकली झूठी
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की मौत केवल सामान्य सड़क दुर्घटना से जुड़ी नहीं थी।जांच अधिकारियों ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन किया गया।पुलिस ने पति के बताए घटनाक्रम का भी सत्यापन किया। जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे आरोपी के बयान पर सवाल उठने लगे।इसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच आगे बढ़ाई। आखिरकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई चोटों ने महिला की मौत का राज खोल दिया।
पोस्टमार्टम में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
सन्नूबाई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसके लिवर और तिल्ली को गंभीर नुकसान पहुंचा था। दोनों अंग फटने के कारण शरीर के भीतर अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई।
इन चोटों ने पुलिस का संदेह और गहरा कर दिया। जांच के दौरान सामने आए अन्य साक्ष्यों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जोड़कर देखा गया।पुलिस के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई कि महिला के साथ गंभीर मारपीट की गई थी। पेट और सीने पर किए गए हमले उसकी मौत का कारण बने।इसके बाद आरोपी पति के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार
सरदारपुर पुलिस ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी राजेश मंडोर को गिरफ्तार कर लिया।मामले की जानकारी देते हुए उपनिरीक्षक जेसी निनामा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।गिरफ्तारी के बाद राजेश मंडोर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में इन साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
बेटे के इलाज की चिंता के बीच उजड़ गया परिवार
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि सन्नूबाई अपने बीमार बेटे साहिल के इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था करना चाहती थी।बेटा लकवे से पीड़ित है और उसके उपचार के लिए परिवार को आर्थिक मदद की जरूरत थी। इसी जरूरत के चलते पति-पत्नी के बीच विवाद होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
मां की मौत और पिता की गिरफ्तारी के बाद परिवार पर गंभीर संकट आ गया है। जिस बच्चे के उपचार के लिए महिला रुपये मांग रही थी, उसी बच्चे ने अपनी मां को खो दिया।इस घटना ने घरेलू हिंसा के खतरनाक परिणामों को भी सामने रखा है।
घरेलू विवाद में हिंसा ने ली महिला की जान
बाण्डीखाली गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि पारिवारिक विवाद किस तरह गंभीर हिंसा का रूप ले सकते हैं।घर में आर्थिक परेशानियां और बीमारी जैसी परिस्थितियां पहले ही परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे में हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती।महिला की मौत से जुड़ा यह मामला घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता और समय रहते सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय ने आरोपी को जेल भेज दिया है। मामले में अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।