उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले सहित प्रदेशभर के मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अगर आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या वोटर लिस्ट में नाम, पता, उम्र और अन्य जानकारी में कोई गलती है, तो उसे सुधारने का अवसर मिलने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इसके तहत 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद नागरिक 11 दिसंबर तक नाम जोड़ने, गलतियां सुधारने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर यह कार्यक्रम निर्धारित किया है। दावे और आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
12 नवंबर को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इस सूची में संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं का विवरण उपलब्ध होगा। प्रारूप सूची जारी होने के बाद नागरिक अपने नाम और अन्य जानकारियों की जांच कर सकेंगे। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में दर्ज नहीं है या पहले से दर्ज जानकारी गलत है, तो निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से सुधार कराया जा सकेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन रखना और पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार का उपयोग करने के लिए पंजीकृत होने का अवसर देना है।
11 दिसंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावा और आपत्ति
मतदाता सूची में नाम जोड़ने या जानकारी में सुधार कराने के लिए नागरिकों को 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक का समय मिलेगा। इस अवधि में नए मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, पहले से पंजीकृत मतदाता अपने व्यक्तिगत विवरण में आवश्यक संशोधन का अनुरोध कर सकेंगे। मतदाता सूची में किसी अपात्र प्रविष्टि को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति भी प्रस्तुत की जा सकेगी। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। आयोग की ओर से तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर तक पूरा किया जाना है।
4 जनवरी 2027 को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तारीख निर्धारित की है। इस सूची में स्वीकृत नए नामों और अनुमोदित संशोधनों को शामिल किया जाएगा। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे प्रारूप सूची में अपना नाम जांचने के साथ अंतिम प्रकाशन के बाद भी अपनी प्रविष्टि की पुष्टि करें।
18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन
निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित किया है। इस तारीख तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा चुनाव आयोग की व्यवस्था के तहत एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 की अन्य अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे युवा जो पहली बार मतदान के पात्र बनने जा रहे हैं, उन्हें समय रहते मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है।
मतदाता सूची में नाम कैसे चेक करें?
मतदाता अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर से घर बैठे वोटर लिस्ट में नाम जांच सकते हैं। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट electoralsearch.eci.gov.in पर जाएं। यहां मतदाता अपनी जानकारी या वोटर पहचान पत्र के EPIC नंबर के माध्यम से नाम खोज सकते हैं। यदि नाम सूची में उपलब्ध है, तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और अन्य विवरण देखे जा सकते हैं। मतदाता को अपने नाम की स्पेलिंग, उम्र, लिंग और अन्य दर्ज जानकारियों की जांच करनी चाहिए। यदि किसी जानकारी में गलती दिखाई देती है, तो उसे सुधारने के लिए निर्धारित फॉर्म भरना होगा।
नाम जोड़ने और संशोधन के लिए कौन-सा फॉर्म भरें?
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से संबंधित अलग-अलग काम के लिए आवेदन पत्र निर्धारित किए हैं।फॉर्म 6: पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए। फॉर्म 7: किसी प्रविष्टि को हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए। फॉर्म 8: नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार, स्थानांतरण से संबंधित परिवर्तन या मतदाता पहचान पत्र बदलने जैसी निर्धारित सुविधाओं के लिए। आवेदन निर्वाचन आयोग के वोटर्स सर्विस पोर्टल voters.eci.gov.in के माध्यम से भी किया जा सकता है। आवेदन करने वाले नागरिक अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) या निर्वाचन कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
उज्जैन में मतदान केंद्रों का भी होगा पुनर्व्यवस्थापन
मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण से पहले मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन का कार्य पूरा किया जाना है। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने 2 नवंबर 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की है। इस प्रक्रिया में मतदान केंद्रों की व्यवस्था और उनसे संबंधित प्रशासनिक आवश्यकताओं की समीक्षा की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
दावे और आपत्तियों का दिसंबर में होगा निराकरण
12 नवंबर से 11 दिसंबर तक प्राप्त आवेदनों की जांच संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की जाएगी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता की जांच के बाद आवेदन स्वीकार या अस्वीकार किए जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए 28 दिसंबर 2026 तक की समयसीमा तय की है। इसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप देकर 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित किया जाएगा।
मतदाताओं के लिए क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?
लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के लिए पात्र नागरिक का नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज होना आवश्यक है। केवल वोटर आईडी कार्ड होना पर्याप्त नहीं है। मतदान करने के लिए संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम मौजूद होना भी जरूरी है। इसलिए मतदाताओं को मतदान की तारीख का इंतजार करने के बजाय पहले ही अपनी जानकारी जांच लेनी चाहिए। विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वाले युवाओं, पता बदलने वाले नागरिकों और नाम या उम्र में गलती वाले मतदाताओं के लिए यह पुनरीक्षण महत्वपूर्ण अवसर है।
चुनाव आयोग ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्वाचन आयोग की निर्धारित समय-सारणी का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत मतदान केंद्रों की व्यवस्था, प्रारूप सूची का प्रकाशन, दावे-आपत्तियों की प्राप्ति और उनका निराकरण समय पर पूरा किया जाना है। उज्जैन जिले में भी निर्वाचन तंत्र को इसी कार्यक्रम के अनुरूप प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मतदाता अपनी जानकारी की जांच और आवश्यक सुधार के लिए आधिकारिक निर्वाचन पोर्टल तथा स्थानीय निर्वाचन कार्यालय की सहायता ले सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 12 नवंबर को प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम अवश्य जांचें और कोई त्रुटि मिलने पर 11 दिसंबर 2026 तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें।
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