भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों ने एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6.642 किलोग्राम एम्फेटामाइन ड्रग जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इस खेप की कीमत करीब 5.32 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपी दिल्ली से बस के जरिए भोपाल पहुंच रहा था। DRI को पहले ही उसके पास प्रतिबंधित मादक पदार्थ होने की सूचना मिल गई थी। इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों ने घेराबंदी कर सोनकच्छ टोल प्लाजा के पास बस से आरोपी को पकड़ लिया।

अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर की है। DRI को मिली विशेष खुफिया जानकारी में बताया गया था कि एक व्यक्ति दिल्ली से भोपाल आने वाली बस में सफर कर रहा है और अपने साथ NDPS अधिनियम के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थ लेकर आ रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने संदिग्ध बस की पहचान की और उसके भोपाल पहुंचने से पहले ही निगरानी शुरू कर दी।

खुफिया सूचना पर DRI ने बिछाया जाल

DRI अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि दिल्ली से भोपाल आ रहा एक ड्रग तस्कर बस के माध्यम से मादक पदार्थों की खेप लेकर जा रहा है। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने संभावित रास्तों पर नजर रखनी शुरू की। इसके साथ ही संदिग्ध बस के आवागमन पर भी निगरानी रखी गई।

गुरुवार दोपहर जब बस भोपाल के नजदीक सोनकच्छ टोल प्लाजा पर पहुंची, तभी DRI की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रोक लिया। अधिकारियों ने बस में संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में एम्फेटामाइन ड्रग बरामद हुई।

6.642 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त

तलाशी के दौरान DRI अधिकारियों को कुल 6.642 किलोग्राम एम्फेटामाइन ड्रग मिली। अधिकारियों ने जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 5.32 करोड़ रुपये बताई है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित ड्रग की बरामदगी को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

एम्फेटामाइन एक कृत्रिम उत्तेजक पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। इसका अवैध कारोबार स्वास्थ्य और समाज दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। इसी वजह से NDPS अधिनियम के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान किए गए हैं।

DRI ने बरामद ड्रग को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। वहीं, आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।

दिल्ली से भोपाल तक फैले नेटवर्क की जांच

इस कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसी की नजर ड्रग तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क पर है। अधिकारियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि आरोपी दिल्ली से यह खेप कहां से लेकर आया था और भोपाल में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।

जांच के दौरान यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी अकेले इस अवैध कारोबार में शामिल था या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था। ड्रग की आपूर्ति करने वाले व्यक्ति, संभावित खरीदार और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

बस के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी किए जाने का मामला सामने आने के बाद परिवहन के इस माध्यम के इस्तेमाल को लेकर भी जांच एजेंसी सतर्क है। हालांकि, आरोपी के साथ अन्य लोगों की संलिप्तता और ड्रग की अंतिम डिलीवरी के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

नशे के कारोबार पर एजेंसियों की नजर

देश के अलग-अलग हिस्सों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए DRI और अन्य जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध लोगों और परिवहन के साधनों की निगरानी की जाती है। भोपाल में हुई यह कार्रवाई भी इसी तरह की सूचना के आधार पर की गई।

5.32 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग की बरामदगी से तस्करी के इस मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इतनी बड़ी खेप का अवैध बाजार में पहुंचना नशे के कारोबार को बढ़ावा दे सकता था। समय रहते कार्रवाई होने से यह खेप जब्त कर ली गई।

आरोपी से पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे

फिलहाल DRI गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एम्फेटामाइन की खेप कहां से लाई गई थी, इसका वास्तविक मालिक कौन है और इसे भोपाल में किसे सौंपा जाना था। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए गए संपर्कों और संभावित वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा सकती है।

इस मामले में आगे की जांच से ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। फिलहाल DRI की इस कार्रवाई ने राजधानी भोपाल में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता दर्ज की है।

Tags: