Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : सामाजिक ज़िम्मेदारी और मानवता की सेवा को प्राथमिकता देते हुए, बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF), इंदौर की सेंट्रल शूटिंग एंड वेपन्स ट्रेनिंग टीम (CSWT) ने अपने स्थापना दिवस के मौके पर MY हॉस्पिटल के सहयोग से BSF हॉस्पिटल में एक वॉलंटरी ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया।
कैंप का उद्घाटन इंस्पेक्टर जनरल (IG) तेजिंदर पाल सिंह सिद्धू ने किया। इस अवसर पर IG सिद्धू ने कहा कि ब्लड डोनेशन केवल एक सामाजिक कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जान बचाने का काम है। उन्होंने जवानों और अफ़सरों को इस नेक पहल में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया और बताया कि ऐसे आयोजनों से मेडिकल इमरजेंसी में फौरन मदद मिल सकती है।
इवेंट में BSF के अफ़सरों, सबऑर्डिनेट अफ़सरों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल 54 जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। कैंप में दिए गए रक्त को तुरंत BSF हॉस्पिटल में भर्ती मरीज़ों और आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाया जाएगा।
BSF के अधिकारियों ने बताया कि यह कैंप हर साल स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य जवानों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जगाना और जरूरतमंद मरीज़ों की मदद करना है। MY हॉस्पिटल के स्टाफ़ ने भी कैंप में सहयोग प्रदान किया और रक्तदान के दौरान सभी सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया।
इस अवसर पर IG सिद्धू ने जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जवान केवल देश की सीमा पर ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा में भी बराबर योगदान दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कदम जवानों में नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास बढ़ाते हैं।
BSF हॉस्पिटल के डाक्टर्स ने बताया कि कैंप के दौरान सभी रक्तदाता जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रक्त संग्रह किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इस कैंप के जरिए हर साल सैकड़ों मरीज़ों को जीवनरक्षक रक्त प्रदान किया जाता है।
इस वॉलंटरी ब्लड डोनेशन कैंप से न केवल रक्त की उपलब्धता बढ़ी, बल्कि जवानों और अफ़सरों में मानवता की सेवा के लिए जागरूकता भी बढ़ी। BSF ने यह दिखाया कि सुरक्षा बल न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि समाज में जान बचाने और लोगों की मदद करने के कार्य में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
कुल मिलाकर, BSF, इंदौर के CSWT और MY हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित यह ब्लड डोनेशन कैंप न केवल मरीज़ों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ, बल्कि जवानों और अफ़सरों में सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी की भावना को भी प्रबल किया।