खजुराहो में वीडी शर्मा ने सेवा यात्रियों के साथ की ननौरा झील की सफाई, दिया ‘नमो तालाब’ नाम
खजुराहो। मध्य प्रदेश के खजुराहो में बुधवार को सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने सेवा यात्रा में शामिल बाइक सवारों के साथ ननौरा झील में स्वच्छता अभियान चलाया। गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी की ओर जा रही सेवा यात्रा के खजुराहो पहुंचने पर यह अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान झील और उसके आसपास जमा कचरे को हटाया गया तथा स्थानीय लोगों से जलस्रोत और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने में सहयोग करने की अपील की गई। शर्मा ने इस झील को ‘नमो तालाब’ नाम दिया।
यह मोटरसाइकिल यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा है। वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर के बीच अलग-अलग समूहों में बाइक यात्राएं निकाली जा रही हैं। यात्रा के दौरान सेवा यात्री अलग-अलग शहरों और गांवों में स्वच्छता और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।
बुधवार को जब वडनगर से वाराणसी जा रहे सेवा यात्रियों का दल खजुराहो पहुंचा तो ननौरा झील में सफाई अभियान चलाया गया। खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा स्वयं इस अभियान में शामिल हुए। सेवा यात्रियों के साथ उन्होंने झील के आसपास पड़े कचरे को साफ किया। अभियान के जरिए लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सार्वजनिक स्थानों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखना केवल सरकारी एजेंसियों की नहीं बल्कि आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।
ननौरा झील में लंबे समय से गंदगी और रखरखाव को लेकर शिकायतें सामने आती रही थीं। सफाई अभियान के दौरान झील की स्थिति की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया। वीडी शर्मा ने इसे ‘नमो तालाब’ नाम देते हुए इसके आसपास स्वच्छता बनाए रखने और जलस्रोत के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
शर्मा ने इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ संदेश से जोड़ा। उन्होंने लोगों से सफाई को केवल एक दिन के कार्यक्रम के रूप में न देखने की अपील की। अभियान में शामिल लोगों ने भी कहा कि किसी स्थान पर एक बार सफाई कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। स्थानीय नागरिकों की नियमित भागीदारी से ही झील और उसके आसपास के क्षेत्र को लंबे समय तक साफ रखा जा सकता है।
वडनगर-वाराणसी सेवा यात्रा 17 सितंबर को शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक निकाली गई यात्रा का उद्देश्य रास्ते में विभिन्न स्थानों पर सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करना है। इसी तरह वाराणसी से वडनगर की दिशा में भी सेवा यात्रा निकाली गई है। यात्राओं का समापन 7 अक्टूबर को निर्धारित है।
यात्रा में शामिल समूह केवल मोटरसाइकिल से एक शहर से दूसरे शहर तक नहीं जा रहे, बल्कि रास्ते में स्थानीय समुदायों से संवाद और सेवा गतिविधियां भी कर रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर स्कूलों, अस्पतालों, तालाबों और अन्य सार्वजनिक स्थलों में स्वच्छता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत भी कार्यक्रम का हिस्सा है।
सेवा यात्रा कई राज्यों, जिलों और गांवों से होकर गुजर रही है। आयोजकों के मुताबिक इसके माध्यम से युवाओं को सामाजिक गतिविधियों और जनसेवा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। खजुराहो में ननौरा झील की सफाई भी इसी क्रम में की गई।
ननौरा झील में चलाए गए अभियान ने स्थानीय स्तर पर जलस्रोतों की साफ-सफाई और संरक्षण के मुद्दे को भी सामने लाया है। तालाब और झीलें स्थानीय पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। इनमें लगातार कचरा जमा होने से पानी की गुणवत्ता और आसपास की स्वच्छता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में नियमित सफाई के साथ दीर्घकालिक रखरखाव भी जरूरी होता है।
हालांकि बुधवार के अभियान के दौरान झील से कुल कितना कचरा निकाला गया, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसी तरह झील के व्यापक जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण या भविष्य के रखरखाव के लिए किसी विस्तृत योजना की घोषणा की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल कार्यक्रम का मुख्य जोर सफाई और जनभागीदारी के संदेश पर रहा।
खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा पहले से ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से विभिन्न सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। बाइक यात्राओं को भी इसी अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। वडनगर से शुरू हुई यात्रा वाराणसी पहुंचने से पहले रास्ते में विभिन्न स्थानों पर सेवा कार्यक्रमों में भाग ले रही है।
खजुराहो में ननौरा झील की सफाई के दौरान स्थानीय लोगों से भी स्वच्छता में भागीदारी की अपील की गई। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी जलस्रोत को साफ रखने के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। लोग यदि कचरा फेंकने से बचें और नियमित सफाई में सहयोग करें तो ऐसी जगहों की स्थिति में स्थायी सुधार लाया जा सकता है।
फिलहाल ननौरा झील में हुए इस स्वच्छता अभियान के बाद उसके रखरखाव पर भी नजर रहेगी। वीडी शर्मा द्वारा इसे ‘नमो तालाब’ नाम दिए जाने के साथ झील एक बार फिर चर्चा में आई है। अब स्थानीय स्तर पर आगे इसकी साफ-सफाई और संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।