सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर में रविवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हलियापुर थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 79.6 के पास सेना के एक सूबेदार का शव लेकर जा रही एंबुलेंस एक ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि एंबुलेंस में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एंबुलेंस चालक भी शामिल है।
हादसा रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा हादसे से संबंधित जानकारी जुटाई।
यूपीडा के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस पंचकूला कमांड हॉस्पिटल, चंडीगढ़ से सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह का शव लेकर देवरिया जिले के रुद्रपुर जा रही थी। सत्यवान सिंह देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। एंबुलेंस में उनके परिवार और परिचितों के लोग शव को लेकर अपने गृह क्षेत्र की ओर जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस में सूबेदार सत्यवान सिंह के बेटे गौरव सिंह के अलावा राजन सिंह पुत्र भूपति, रामसमुझ पुत्र जयसिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल, निवासी डेराबसी, अंबाला, सवार थे। हादसे में इन चारों की मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गुजर रही थी। हलियापुर थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 79.6 के पास उसकी ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं और चार लोगों की जान चली गई।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त एंबुलेंस की जांच की। शवों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल की मदद ली गई। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
इस हादसे ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एंबुलेंस में सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह का शव उनके गृह जिले देवरिया ले जाया जा रहा था। परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी और शव को घर तक पहुंचाने के लिए यात्रा कर रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरी स्थिति को बदल दिया।
मृतकों में सूबेदार के बेटे गौरव सिंह का नाम भी शामिल है। पिता का शव लेकर घर लौट रहे बेटे की सड़क हादसे में मौत होने की जानकारी ने घटना को और भी दुखद बना दिया है। परिवार के लिए यह दोहरी त्रासदी जैसी स्थिति है।
हादसे में एंबुलेंस चालक जसपाल की भी मौत हो गई। वह डेराबसी, अंबाला का निवासी बताया गया है। वह पंचकूला से देवरिया तक एंबुलेंस चला रहा था। उसके साथ वाहन में मौजूद अन्य यात्रियों की भी दुर्घटना में जान चली गई।
पुलिस अब हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई, एंबुलेंस की गति कितनी थी और ट्रक की स्थिति क्या थी, इन सभी पहलुओं की जांच की जा सकती है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास मौजूद सीसीटीवी कैमरों या अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की तेज आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी वाहन के नियंत्रण खोने या अचानक टक्कर होने पर गंभीर हादसा हो सकता है। रविवार सुबह हुए इस हादसे में भी एंबुलेंस और ट्रक की टक्कर के बाद चार लोगों की जान चली गई।
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना भी पुलिस के सामने चुनौती रही। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने और यातायात को व्यवस्थित करने की कार्रवाई की गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ दुर्घटना से संबंधित तथ्य जुटाए।
यूपीडा की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, एंबुलेंस सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह का शव लेकर पंचकूला कमांड हॉस्पिटल, चंडीगढ़ से देवरिया जा रही थी। यात्रा का उद्देश्य शव को उनके गृह क्षेत्र रुद्रपुर पहुंचाना था। इसी दौरान सुलतानपुर के हलियापुर क्षेत्र में हादसा हो गया।
घटना के बाद मृतकों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के बाद शवों को परिजनों को सौंपा जाएगा।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर की गई है। मृतकों में गौरव सिंह, राजन सिंह, रामसमुझ और एंबुलेंस चालक जसपाल शामिल हैं। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करता है। एक्सप्रेसवे पर वाहन तेज गति से चलते हैं और छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है। हालांकि इस मामले में हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि टक्कर के समय दोनों वाहन किस दिशा में जा रहे थे और हादसा किस वजह से हुआ। यदि घटनास्थल से कोई तकनीकी या प्रत्यक्ष साक्ष्य मिलता है तो उसे जांच में शामिल किया जाएगा।
दुर्घटना के बाद एंबुलेंस की स्थिति देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। टक्कर के कारण वाहन को काफी नुकसान पहुंचा और उसमें सवार लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव दल को कार्रवाई करनी पड़ी।
सूबेदार सत्यवान सिंह का शव लेकर जा रही एंबुलेंस में उनके बेटे और अन्य परिचितों का होना यह बताता है कि वे अंतिम यात्रा के लिए उनके साथ जा रहे थे। लेकिन रास्ते में हुई दुर्घटना ने परिवार को गहरा सदमा दे दिया।
सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई यह घटना रविवार सुबह की सबसे गंभीर दुर्घटनाओं में से एक रही। चार लोगों की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजना और उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। साथ ही हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
कुल मिलाकर, सुलतानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 79.6 के पास रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे सेना के सूबेदार का शव लेकर जा रही एंबुलेंस ट्रक से टकरा गई। यूपीडा के अनुसार एंबुलेंस पंचकूला कमांड हॉस्पिटल, चंडीगढ़ से देवरिया के रुद्रपुर निवासी सूबेदार सत्यवान सिंह का शव लेकर जा रही थी। हादसे में सूबेदार के बेटे गौरव सिंह, राजन सिंह, रामसमुझ और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है।