ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
भुवनेश्वर। ओडिशा में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से और उससे सटे इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसमी गतिविधियों को देखते हुए राज्य के कई इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से न केवल बारिश बढ़ने की संभावना है, बल्कि समुद्री इलाकों में तेज हवाएं चलने और समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने का भी अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से और पड़ोसी बांग्लादेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 10 सितंबर की सुबह 5:30 बजे कम दबाव का क्षेत्र बना। इसके बाद से मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण ओडिशा समेत पूर्वी तटीय राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
कम दबाव के कारण बढ़ेगी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ेगी। इसका सीधा असर ओडिशा के मौसम पर पड़ सकता है। राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना है।
गुरुवार को कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश की तीव्रता अलग-अलग इलाकों में अलग रह सकती है। तटीय और आसपास के जिलों में मौसमी गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
कम दबाव के क्षेत्र की वजह से आने वाले समय में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत होगी।
40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं
कम दबाव के क्षेत्र के साथ बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और मध्य हिस्सों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज झोंकों के साथ हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
हवाओं की गति को देखते हुए समुद्र में जाने वाले मछुआरों और अन्य लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। समुद्री गतिविधियों पर इसका असर पड़ सकता है।
तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में पेड़ या बिजली के खंभे गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक तैयारी रखने की जरूरत होगी।
समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और मध्य हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने का अनुमान जताया है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्र में छोटी नौकाओं का संचालन जोखिमपूर्ण हो सकता है।
ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरा समुदाय के लिए यह चेतावनी महत्वपूर्ण है। समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग के अपडेट और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
तटीय इलाकों में तेज हवाओं और समुद्री हलचल के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है।
कई राज्यों के तटों पर भी असर
इस मौसमी सिस्टम का असर केवल ओडिशा तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास तथा उनसे दूर समुद्री क्षेत्रों में भी तेज हवाओं की स्थिति बनी रह सकती है।
इन क्षेत्रों में अगले 48 घंटों के दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज झोंकों की स्थिति में यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।
इससे तटीय क्षेत्रों में बारिश के साथ हवा का प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण
ओडिशा में कृषि गतिविधियों के लिए बारिश काफी महत्वपूर्ण है। राज्य के कई किसान मानसून पर निर्भर रहते हैं। समय पर होने वाली बारिश से खेतों में नमी बनी रहती है और फसलों को लाभ मिलता है।
हालांकि भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने और खेतों में जलजमाव की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति के अनुसार खेतों में काम करने की सलाह दी जाती है।
जहां बारिश की कमी रही है, वहां यह वर्षा राहत दे सकती है, लेकिन बहुत अधिक बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव का खतरा
भारी बारिश का असर राज्य के शहरी क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। नालियों की सफाई और पानी की निकासी के इंतजाम पहले से दुरुस्त रखना जरूरी होगा।
वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
बिजली और तेज हवाओं के दौरान सतर्कता जरूरी
बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की स्थिति में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। कमजोर पेड़ों, जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
यदि तेज हवा या गरज-चमक के दौरान लोग बाहर हैं तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के बाद ओडिशा के तटीय और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ने की संभावना है। भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजाम तैयार रखने होंगे।
जरूरत पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा सकती है। राहत और बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने की आवश्यकता होगी।
फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने ओडिशा के मौसम की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अगले 48 घंटों के दौरान समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज झोंकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी जरूरी है। मौसम विभाग के अगले अपडेट पर प्रशासन और लोगों की नजर बनी रहेगी।