भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा नामांकन का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के लिए सकारात्मक कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी जैसे अनुभवी नेता की राज्यसभा में मौजूदगी से मध्य प्रदेश को लाभ मिलेगा। उन्होंने पुरी के लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि उनके अनुभव का फायदा प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने में मिल सकता है।हरदीप सिंह पुरी के नामांकन को लेकर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। राज्यसभा में प्रतिनिधित्व केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि प्रदेश की विकास योजनाओं, केंद्रीय सहयोग और नीतिगत विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरदीप सिंह पुरी के अनुभव और कार्यशैली को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके नामांकन पर प्रसन्नता व्यक्त की। पुरी लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। भारतीय विदेश सेवा में उनका लंबा कार्यकाल रहा है और वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है।
मध्य प्रदेश के विकास को मिल सकती है नई गति
हरदीप सिंह पुरी का नाम देश के अनुभवी नेताओं और प्रशासकों में शामिल है। विशेष रूप से शहरी विकास, आवास, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में उनके अनुभव को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में उनके राज्यसभा नामांकन को मध्य प्रदेश के विकास से जोड़कर भी देखा जा रहा है।प्रदेश में वर्तमान समय में औद्योगिक निवेश, सड़क निर्माण, शहरी परिवहन, आवासीय योजनाओं और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार की कोशिश है कि केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करके विकास परियोजनाओं को गति दी जाए।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राज्यसभा में अनुभवी नेताओं की उपस्थिति से प्रदेश से संबंधित मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से उठाने में मदद मिल सकती है। हालांकि किसी भी विकास परियोजना का क्रियान्वयन संबंधित विभागों, बजट आवंटन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है।शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को हरदीप सिंह पुरी ने भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद सिंह पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। भाजपा ने 28 अक्टूबर को पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की अंतिम तारीख 2 नवंबर है। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि 5 नवंबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे।यदि मतदान की आवश्यकता पड़ती है तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इसी दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी। विधानसभा में भाजपा के 164 और कांग्रेस के 65 विधायक होने के कारण पुरी की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। हालांकि अंतिम स्थिति नामांकन वापसी और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
हेमंत खंडेलवाल ने भी जताया भरोसा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा पहुंचने से मध्य प्रदेश को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ समन्वय से प्रदेश में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकेगा।खंडेलवाल ने पुरी के पूर्व कार्यकाल में मध्य प्रदेश को मिली पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग और मजबूत होगा।
नामांकन से पहले गुरुद्वारे और आश्रम पहुंचे पुरी
राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले हरदीप सिंह पुरी ने भोपाल में धार्मिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेका और करुणाधाम आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की।भाजपा कार्यालय में उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। इसके बाद मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचकर नामांकन की औपचारिकताएं पूरी कीं।
कांग्रेस ने उम्मीदवारी पर उठाए सवाल
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन को लेकर कांग्रेस ने विरोध भी दर्ज कराया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित विपक्षी नेताओं ने भाजपा के फैसले पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश के बाहर के नेताओं को राज्यसभा के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ स्थानों पर कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किए।इस बीच भाजपा नेतृत्व पुरी की उम्मीदवारी को प्रदेश के हित में बता रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके नामांकन को मध्य प्रदेश के लिए प्रसन्नता का विषय बताते हुए बाबा महाकाल से उनकी सफलता की कामना की है।अब सबकी निगाहें राज्यसभा उपचुनाव की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि हरदीप सिंह पुरी निर्वाचित होते हैं, तो वे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उच्च सदन में अपनी भूमिका निभाएंगे। भाजपा को उम्मीद है कि उनके प्रशासनिक अनुभव और केंद्रीय स्तर पर जिम्मेदारियों से प्रदेश के विकास संबंधी प्रयासों को सहयोग मिलेगा।