इंदौर, 3 अगस्त: ऐसा कहा जाता है कि, धरती पर डॉक्टर ही भगवान का रूप है, जहां लगातार डॉक्टर्स संघर्ष कर मरीजों की जान बचाने के लिए प्रयास करते रहते हैं। वहीं मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसा मामला निकल कर सामने आया है, जिसने एक बार फिर धरती पर डॉक्टर का वह रूप सबके सामने लाया, जिसे भगवान कहा जाता है। यहां डॉक्टर ने आंतों के कैंसर से पीड़ित महिला पेशेंट की सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई है। 2 घंटे तक चली इस सर्जरी के दौरान महिला और नवजात दोनों को ही खतरा था, जिसके बाद बेहद सावधानी के साथ डिलीवरी करते हुए डॉक्टरों ने महिला की जान बचाई तो, वहीं नवजात को नव जीवन दिया। उधर, अब डॉक्टर्स के इस चमत्कार की हर जगह चर्चा हो रही है।

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की रहने वाली 25 वर्षीय महिला आंतों के कैंसर से पीड़ित है, जिसके बाद डॉक्टर लगातार महिला का इलाज कर रहे हैं। साल 2021 में महिला की कैंसर सर्जरी भी की गई थी, जिसके बाद से डॉक्टर लगातार महिला को कीमोथेरेपी का ट्रीटमेंट दे रहे हैं। इस दौरान महिला गर्भवती हो गई, तो वहीं परिवारजनों ने महिला की डिलीवरी कराने का फैसला लिया, जिसके बाद डॉक्टर ने बहुत ही रिस्की ऑपरेशन को अंजाम देते हुए महिला की जहां जान बचाई, तो वहीं नवजात को नवजीवन दिया।
होने लगी थी खून की उल्टियां
गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराने पर महिला को खून की उल्टियां होने लगी थी, साथ ही महिला के प्लेटलेट्स घटकर महज 40 हजार पहुंच गए थे, जिसके बाद यह डिलीवरी और भी चुनौतीपूर्ण हो गई, जहां महिला और उसके नवजात दोनों को ही जान का खतरा था, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने चमत्कार करते हुए महिला की जान बचाई, तो वहीं नवजात को नव जीवन प्रदान किया। अब डॉक्टर के चमत्कार की हर जगह चर्चा हो रही है।
मुश्किल रहती है ऐसे डिलीवरी
कैंसर पेशेंट महिला की डिलीवरी सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले डॉक्टरों की मानें तो इस तरह की डिलीवरी काफी मुश्किल रहती है, जहां पेशेंट और नवजात दोनों को ही जान का खतरा बना रहता है। कीमोथेरेपी होने के चलते पेशेंट के जहां बाल झड़ते हैं, तो वहीं भूख भी नहीं लगती, जिसका सीधा असर गर्भावस्था पर पड़ता है। यही कारण है कि, इस तरह की डिलीवरी काफी रिस्की रहती है, लेकिन बावजूद इसके यदि सावधानी के साथ की जाए तो इस तरह की डिलीवरी को भी सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकता है।


Tags: