इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नाइजीरिया की एक महिला नागरिक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार महिला के पास से एम्फेटामाइन, MDMA यानी एक्स्टसी और हाइड्रोपोनिक कैनबिस सहित कुल करीब 1.426 किलोग्राम नारकोटिक और साइकोट्रोपिक पदार्थ बरामद किए गए। जब्त पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 1.19 करोड़ रुपये बताई गई है।यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। DRI को जानकारी मिली थी कि इंदौर से पुणे जाने वाली एक बस में एक महिला यात्री अपने सामान में प्रतिबंधित नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थ लेकर जाने वाली है। इसके बाद अधिकारियों ने संदिग्ध यात्री की पहचान और उसे रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की।
बस ट्रैवल एजेंसी के पास रोकी गई महिला
अधिकारियों के मुताबिक 21 सितंबर को DRI की टीम इंदौर के विजय उद्योग नगर स्थित तीन इमली चौराहा इलाके में पहुंची। यहां HP पेट्रोल पंप के पास स्थित एक बस ट्रैवल एजेंसी पर टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर संदिग्ध विदेशी महिला की पहचान की।बताया गया कि महिला इंदौर से पुणे जाने की तैयारी में थी। अधिकारियों ने उसे रोका और उसके सामान की जांच शुरू की। महिला के पास एक नेवी-ब्लू रंग का डफल बैग था। इसी बैग की तलाशी के दौरान अधिकारियों को कई संदिग्ध पैकेट मिले।
डफल बैग से मिले क्रिस्टल और रंगीन गोलियां
बैग की बारीकी से तलाशी लेने पर DRI अधिकारियों को कई पॉलीथीन पैकेट मिले। इनमें सफेद क्रिस्टल जैसा पदार्थ और अलग-अलग रंगों की गोलियां रखी हुई थीं। इसके अलावा हाइड्रोपोनिक कैनबिस भी बरामद होने की जानकारी सामने आई।अधिकारियों के अनुसार बरामद पदार्थों की जांच में एम्फेटामाइन और MDMA यानी एक्स्टसी जैसे साइकोट्रोपिक पदार्थों की मौजूदगी सामने आई। पूरे मामले में कुल 1.426 किलोग्राम पदार्थ जब्त किया गया, जिसकी अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.19 करोड़ रुपये आंकी गई है।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
बरामदगी के बाद DRI ने नशीले पदार्थों को जब्त कर महिला को हिरासत में लिया। उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 यानी NDPS Act के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।NDPS कानून के तहत प्रतिबंधित नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध कब्जे, परिवहन, खरीद-बिक्री और तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। मामले में अंतिम दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
ड्रग्स कहां से आए इसकी जांच
महिला की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस अब बरामद नशीले पदार्थों के स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क पर है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ड्रग्स महिला तक कहां से पहुंचे और पुणे में इन्हें किस व्यक्ति या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां आरोपी के यात्रा रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सप्लाई चेन तक पहुंचने का प्रयास करती हैं। फिलहाल इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क से संबंध की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं की गई है।
इंदौर में पहले भी DRI ने पकड़ा था एम्फेटामाइन
इंदौर में सितंबर के दौरान DRI की यह पहली बड़ी ड्रग कार्रवाई नहीं है। वित्त मंत्रालय की ओर से 21 सितंबर को जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 9 सितंबर को DRI अधिकारियों ने दिल्ली से बस से इंदौर आ रहे एक यात्री को रोककर करीब दो किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद किया था। नशीले पदार्थ को सलवार-सूट के सेटों में छिपाया गया था। आरोपी को NDPS Act के तहत गिरफ्तार किया गया था।उस कार्रवाई को मिलाकर DRI ने देश के विभिन्न हिस्सों में एम्फेटामाइन से संबंधित तीन ऑपरेशन किए थे और कुल करीब 4.5 किलोग्राम एम्फेटामाइन प्रकार के उत्तेजक पदार्थ जब्त किए थे। इन कार्रवाइयों में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
देशभर में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अभियान
DRI हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक विभिन्न खुफिया-आधारित अभियानों में 845 किलोग्राम से ज्यादा प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त किए गए और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बरामद पदार्थों में गांजा, चरस, कोकीन और एम्फेटामाइन शामिल थे।इन अभियानों में बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और मध्य प्रदेश सहित अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई हुई। अधिकारियों को जांच में नशीले पदार्थ छिपाने के कई अलग-अलग तरीके भी मिले। कहीं कपड़ों में ड्रग्स छिपाए गए तो कहीं दूसरे सामान के भीतर प्रतिबंधित पदार्थ रखने के मामले सामने आए।
हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी पर भी नजर
DRI की हाल की कार्रवाइयों में हाइड्रोपोनिक कैनबिस की बरामदगी भी लगातार सामने आई है। 21 सितंबर को वित्त मंत्रालय ने बताया था कि DRI की खुफिया जानकारी के आधार पर मुंबई और बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर कस्टम अधिकारियों ने थाईलैंड और वियतनाम से आए चार यात्रियों के पास से करीब 28 किलोग्राम हाई-ग्रेड कैनबिस या हाइड्रोपोनिक वीड जब्त किया था। चारों यात्रियों को गिरफ्तार किया गया।इससे पहले भी DRI ने देश के विभिन्न हवाई अड्डों और अन्य स्थानों पर हाइड्रोपोनिक वीड की खेप पकड़ी है। एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर देशव्यापी “WeedOut” अभियान में करीब 72 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड जब्त किए जाने का विवरण भी उपलब्ध है।
नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही एजेंसी
इंदौर में पकड़ी गई नाइजीरियाई महिला से बरामद एम्फेटामाइन, MDMA और हाइड्रोपोनिक कैनबिस ने जांच एजेंसी के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। महिला इंदौर से पुणे क्यों जा रही थी, नशीले पदार्थ किसने उपलब्ध कराए और इन्हें आगे किसे दिया जाना था, जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।DRI संगठित तस्करी नेटवर्क को तोड़ने और नशीले पदार्थों को उनके गंतव्य तक पहुंचने से पहले पकड़ने पर लगातार जोर दे रही है। एजेंसी के मुताबिक खुफिया सूचनाओं पर आधारित अभियान ड्रग्स की सप्लाई चेन और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे नए तरीकों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।फिलहाल नाइजीरियाई महिला को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में आगे की जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों या नेटवर्क की भूमिका के साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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