उज्जैन। जैसिंहपुरा की बजरंग कॉलोनी में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रगतिशील महिला सुरक्षा संघ ने आरोप लगाया है कि सड़क का प्रस्तावित अलाइनमेंट निजी लाभ के लिए बदला जा रहा है। संगठन ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर, संभागायुक्त, नगर निगम के जोन क्रमांक-3 के अधिकारी और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में भी संगठन की ओर से ये आरोप लगाए जाने की पुष्टि होती है।

मामला जैसिंहपुरा अंडरपास से नूतन स्कूल होते हुए चारधाम पार्किंग तक प्रस्तावित सड़क से जुड़ा है। संगठन की नेशनल फाइनेंस सेक्रेटरी एवं प्रदेश अध्यक्ष रानी खान की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के मुताबिक इस मार्ग पर सड़क निर्माण प्रस्तावित है। संगठन का कहना है कि सड़क के मूल रास्ते में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर लगाया आरोप

प्रगतिशील महिला सुरक्षा संघ ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदार अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सड़क का अलाइनमेंट बदलवाने का प्रयास कर रहे हैं। संगठन ने इसे निजी हित से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन से इसकी जांच कराने की मांग की है।

यह आरोप संगठन की ओर से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इससे पहले जून 2026 में मुख्यमंत्री के परिवार की उज्जैन में जमीन खरीद से जुड़े अलग आरोपों पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने कहा था कि मुख्यमंत्री या उनके परिवार ने उनके दिसंबर 2023 में पद संभालने के बाद कोई जमीन नहीं खरीदी। वहीं राज्य सरकार के अधिकारियों ने भी परिवार के रियल एस्टेट कारोबार को मुख्यमंत्री के पद से जोड़ने को अनुचित बताया था।

8.5 बीघा जमीन का दावा

संगठन के ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों ने क्षेत्र में 8.5 बीघा जमीन खरीदी है, जहां कथित तौर पर एक लग्जरी होटल बनाने की योजना है। संगठन का आरोप है कि प्रस्तावित होटल तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए सड़क योजना में बदलाव कर उसे बजरंग कॉलोनी से निकालने की कोशिश की जा रही है।

इन दावों पर संबंधित पक्ष या प्रशासन की ओर से इस मामले के संदर्भ में कोई विस्तृत जवाब रिपोर्ट में दर्ज नहीं है। इसलिए जमीन, प्रस्तावित होटल और सड़क अलाइनमेंट के बीच बताए जा रहे संबंध को फिलहाल संगठन के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

बजरंग कॉलोनी से सड़क निकालने का विरोध

संगठन ने बजरंग कॉलोनी से सड़क निकालने के प्रस्ताव का विरोध किया है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि इससे इलाके में रहने वाले बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने धार्मिक स्थल के प्रभावित होने की आशंका भी जताई है।

महिला संगठन की मांग है कि प्रशासन सड़क निर्माण की जरूरत को देखते हुए ऐसा रास्ता चुने जिससे स्थानीय निवासियों के मकानों और धार्मिक स्थलों पर कम से कम असर पड़े।

छह वैकल्पिक मार्ग सुझाए

संगठन ने केवल मौजूदा प्रस्ताव का विरोध ही नहीं किया, बल्कि प्रशासन के सामने छह वैकल्पिक रास्तों का सुझाव भी रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें जैसिंहपुरा से नूतन स्कूल होते हुए चारधाम पार्किंग, क्षिप्रा नदी घाट, महाकाल लोक, महाकाल घाटी, नृसिंह घाट रोड और हरसिद्धि रोड से जुड़े विकल्प शामिल हैं।

संगठन का कहना है कि प्रशासन को इन विकल्पों का तकनीकी परीक्षण करना चाहिए और उसके बाद ऐसा मार्ग निर्धारित करना चाहिए जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ स्थानीय लोगों का नुकसान भी न्यूनतम हो।

सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क निर्माण

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के चलते सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई काम चल रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी 20 सितंबर को नीलगंगा चौराहे से नानाखेड़ा चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को काम समय पर तथा गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए थे।

सिंहस्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों को चौड़ा करने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में कई इलाकों में प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर आपत्तियां भी सामने आ रही हैं।

आश्रम ने दी 4 हजार वर्ग फीट जमीन

इसी क्षेत्र में सड़क निर्माण से जुड़ा एक अन्य घटनाक्रम भी सामने आया है। जैसिंहपुरा स्थित श्री अभिराम आश्रम ने सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 4,000 वर्ग फीट जमीन स्वेच्छा से प्रशासन को देने की बात कही है। नगर निगम के कार्यपालन यंत्री राहुल चौहान के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आश्रम अपनी जमीन पर बने पक्के निर्माण को भी स्वयं हटा रहा है।

रिपोर्ट में इस हिस्से की सड़क को 18 मीटर चौड़ा सीसी रोड बताया गया है, जिससे त्रिवेणी घाट की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

प्रशासन के फैसले पर नजर

बजरंग कॉलोनी से जुड़े विवाद में अब प्रशासन के रुख पर नजर रहेगी। संगठन ने कलेक्टर से लेकर संभागायुक्त और नगर निगम अधिकारियों तक अपनी आपत्ति पहुंचा दी है। ऐसे में सड़क के अंतिम अलाइनमेंट को लेकर तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर क्या फैसला लिया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

सड़क चौड़ीकरण सार्वजनिक यातायात और सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़ा है, जबकि संगठन स्थानीय निवासियों के हित और कथित निजी लाभ का मुद्दा उठा रहा है। फिलहाल मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों के प्रभाव के इस्तेमाल संबंधी दावा संगठन का आरोप है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम स्थिति प्रशासनिक रिकॉर्ड, स्वीकृत सड़क योजना और संबंधित पक्षों के जवाब सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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