Madhya Pradesh मध्य प्रदेश ; गुजरात के गांधी नगर इलाके में साइबर अपराध का एक मामला सामने आया है, जिसमें अज्ञात साइबर अपराधियों ने UPI ट्रांज़ैक्शन के जरिए एक व्यक्ति के बैंक खाते से 65,504 रुपये निकाल लिए। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, BC कॉम्प्लेक्स में रहने वाले राकेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने बैंक खाते का बैलेंस चेक किया तो उन्हें उम्मीद से कम राशि दिखाई दी। इस पर शक होने पर वह तुरंत अपने बैंक पहुंचे और खाते का विस्तृत स्टेटमेंट लिया।

बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि 15 जून को उनके खाते से UPI ट्रांज़ैक्शन के जरिए कुल 65,504 रुपये दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए थे। इनमें “ज़मीन” और “मुजफ़ा” नाम के खातों का उल्लेख मिला है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने न तो इन ट्रांज़ैक्शनों को मंजूरी दी थी और न ही इन खातों के बारे में उन्हें कोई जानकारी है।

राकेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह इन दोनों खाताधारकों को नहीं जानते और उन्होंने कभी भी किसी प्रकार का लेन-देन या अनुमति नहीं दी थी। इस घटना के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज करवाई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब UPI ट्रांज़ैक्शन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग डेटा की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ठगी कैसे और किस माध्यम से की गई।

साइबर सेल की टीम भी इस मामले की जांच में शामिल हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि यह एक साइबर फ्रॉड का मामला हो सकता है, जिसमें पीड़ित के बैंक खाते की जानकारी किसी तरह से चोरी की गई हो।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह ट्रांज़ैक्शन किसी फिशिंग लिंक, फर्जी ऐप या ओटीपी फ्रॉड के जरिए किया गया है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी या बैंकिंग डिटेल्स लीक हो जाती हैं, जिसका इस्तेमाल ठग पैसे निकालने के लिए करते हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध कॉल या मैसेज से सावधान रहें।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा। साथ ही बैंक से भी तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है ताकि ट्रांज़ैक्शन की पूरी डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया जा सके।

फिलहाल यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है, जहां UPI जैसे डिजिटल पेमेंट माध्यमों का दुरुपयोग कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पुलिस और साइबर सेल इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

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