आरक्षक ने की ख़ुदकुशी, फंदे पर लटकी मिली लाश

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Update: 2022-02-14 10:44 GMT

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। इंदौर। बाढ़ गंगा की रघुवंशी कॉलोनी में रहने वाली सुनील सेंगर ने अपने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। सुनील इंदौर के परदेसी पुरा थाने में पदस्थ था। कुछ दिनों पहले उसके छोटे बेटे की मौत हो गई थी। इसके कारण वह काफी दुखी था।

आरक्षक सुनील सेंगर मामले में पुलिस इन्वेस्टिगेशन शुरू
TI राजेन्द्र सोनी के मुताबिक घटना बाणगंगा के रघुवंशी कॉलोनी की है। यहां सुनिल सेंगर पुत्र स्व. अर्जुन सेंगर अपनी पत्नी ओर बेटे आयुष के साथ रहता था। अलसुबह चार बजे उन्हें सूचना मिली कि सूचना मिली कि सुनील ने फांसी लगा ली है। वह मूल रूप से रीवा का रहने वाला था। जिसके बाद आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि कहीं सुनील पर किसी तरह का कर्ज तो नहीं था।
डॉक्टरों ने कहा था, बेटा ठीक हो जाएगा
बड़े पिता के बेटे अनूप ने जानकारी में बताया कि सुनिल की अगस्त 2020 में जुड़वां बेटे हुए थे। जिसमें एक आयुष व दूसरा अथर्व था। अरबिंदो के डॉक्टरों ने अथर्व के ब्रेन में इंफेक्शन होने की बात कर माता पिता को कुछ समय बाद सब ठीक होने की बात कही थी। जब अथर्व 6 माह का हुआ तो उसे अचानक उल्टियां होना शुरू हुई। जिसमें चाईल्ड स्पेशललिस्ट को उसे दिखाया गया। इस दौरान कई डॉक्टर बदलने के साथ अलग-अलग अस्पतालों में उसका इलाज चला लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
बच्चे को बचाने के लिए सब कुछ किया
डॉक्टरों ने कहा कि सर्जरी करनी पड़ेगी। बड़ा खर्चा होगा, लेकिन बच्चा ठीक हो जाएगा। सुनील ने अपने बच्चे को बचाने के लिए सब कुछ किया। सर्जरी के बाद भी कुछ नहीं हुआ। फिर से इंन्फेक्शन होने लगा। डॉक्टरों ने सुनील के बेटे अथर्व की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे जबलपुर के एम्स ले जाने की बात कही थी। जिसमें पिछले माह की 24 जनवरी को अथर्व की मौत हो गई। इसके बाद से सुनील लगातार तनाव में चल रहा था। परिजनों के मुताबिक बड़ा बेटा आयुष पूरी तरह से स्वस्थ है।
परिवार में सबकी मृत्यु समय से पहले
सुनील के माता-पिता की कई साल पहले ही मौत हो चुकी है। सुनील के पिता पुलिस में थे। बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई इसके बाद बड़े बेटे अनिल को अनुकंपा में नौकरी मिली थी। 2013 में अनिल की मौत हो गई। इसके बाद सुनील को अनुकंपा में नौकरी मिली थी। बताया जाता है कि बेटे के उपचार को लेकर सुनील को काफी कर्ज भी हो गया था। थाने के स्टाफ ने उसकी काफी मदद भी की थी। लेकिन सुनील लगातार तनाव से जूझ रहा था।
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