Farmers के लिए बड़ी राहत योजना

Update: 2026-07-01 13:59 GMT
Madhya Pradesh | Chhatarpur : छतरपुर खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने से पहले मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कृषि विभाग विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत किसानों को मूंग, उड़द, अरहर, तिल, मूंगफली और सोयाबीन जैसी फसलों के बीज उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही बायो-फर्टिलाइजर (कल्चर), मिट्टी उपचार की दवाइयां और अन्य कृषि सामग्री भी पात्र किसानों को मुफ्त या सब्सिडी पर दी जा रही है।
गौरिहार कृषि विभाग में पदस्थ कृषि विस्तार अधिकारी धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि खरीफ फसलों की बेहतर खेती को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष किसानों को बीज वितरण किया जाता है। इसका उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना और उत्पादन बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि किसानों को दो से तीन अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से लाभ दिया जा रहा है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के तहत दलहनी फसलों के बीज वितरित किए जाते हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को NFSM पोर्टल पर आवेदन करना होता है।
योजना के अंतर्गत किसानों को मिनी किट उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें करीब 4 किलोग्राम बीज पूरी तरह निःशुल्क दिया जाता है। इसके अलावा पात्र किसानों को 20 किलोग्राम तक बीज भी उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि इसके लिए किसान के पास कम से कम एक हेक्टेयर कृषि भूमि होना आवश्यक है।
बीज वितरण के साथ किसानों को फसलों की सुरक्षा और बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। कृषि विभाग के अनुसार, फिलहाल मूंगफली से संबंधित एफपीओ योजना के तहत भी लाभ दिया जा रहा है।
धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि आवेदन के बाद चयनित किसानों की सूची तैयार की जाती है। इसके बाद उनके दस्तावेज और बैंक खाते का सत्यापन किया जाता है। सत्यापन पूरा होने पर सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि खरीफ सीजन की बुवाई से पहले उन्हें बीज और अन्य कृषि सामग्री का लाभ मिल सके।
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