Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए पर्यावरण संबंधी अनुमति देने में घोटाला एक बड़ी अनियमितता है। पर्यावरण कानूनों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई। पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव ने बिना किसी अधिकार के पर्यावरण मंजूरी की संस्तुतियां मंजूर कर लीं। सूत्रों के अनुसार, राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ एक भी बैठक किए बिना करीब 450 मामलों को डीम्ड अनुमति मान लिया गया। एसईआईएए की सदस्य सचिव उमा माहेश्वरी और संगठन के प्रभारी श्रीमन शुक्ला ने अनुमति जारी की। पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत कोठारी ने इन संस्तुतियों को मंजूरी दी।

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