देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की है। भटपाररानी रेलवे स्टेशन पर खड़ी मौर्य एक्सप्रेस से जीआरपी की टीम ने एक लावारिस पिट्ठू बैग में रखे 48 पीस अंग्रेजी शराब बरामद किए हैं। वहीं, खामपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने 65 पाउच शराब के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित शराब लेकर बिहार जाने की फिराक में था। दोनों मामलों में शराब की बरामदगी के बाद संबंधित पुलिस टीमें आगे की कार्रवाई में जुटी हैं।

मौर्य एक्सप्रेस में लावारिस बैग से मिली शराब

जानकारी के अनुसार, जीआरपी थाना की टीम भटपाररानी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की जांच कर रही थी।

इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर दो पर खड़ी मौर्य एक्सप्रेस में तलाशी अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान पुलिसकर्मियों को एक लावारिस पिट्ठू बैग दिखाई दिया।

बैग की जांच करने पर उसमें 48 पीस अंग्रेजी शराब रखी मिली।

पुलिस ने शराब को अपने कब्जे में ले लिया।

हालांकि बैग किस यात्री का था और उसे ट्रेन में कौन लेकर आया था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए चल रहा अभियान

जीआरपी के अनुसार, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान का उद्देश्य ट्रेनों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और अवैध शराब की तस्करी को रोकना है।

इसी क्रम में भटपाररानी रेलवे स्टेशन पर मौर्य एक्सप्रेस की जांच की गई।

पुलिस का कहना है कि ट्रेनों में संदिग्ध सामान और लावारिस बैग मिलने पर उनकी जांच की जाती है।

ऐसी कार्रवाई से यात्रियों की सुरक्षा के साथ अवैध सामान की आवाजाही रोकने में मदद मिलती है।

प्लेटफॉर्म नंबर दो पर खड़ी थी ट्रेन

मौर्य एक्सप्रेस भटपाररानी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर खड़ी थी।

इसी दौरान जीआरपी की टीम ने ट्रेन में जांच अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान लावारिस पिट्ठू बैग में शराब मिलने से मामला सामने आया।

बैग में कुल 48 पीस अंग्रेजी शराब बरामद हुई।

हालांकि शराब किस ब्रांड की थी, उसकी कुल मात्रा कितनी थी और बाजार में उसकी अनुमानित कीमत क्या है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

जीआरपी की ओर से बैग के मालिक की पहचान होने की भी पुष्टि नहीं की गई है।

खामपार क्षेत्र में 65 पाउच शराब बरामद

दूसरी कार्रवाई खामपार थाना क्षेत्र में हुई।

पुलिस के अनुसार, छितरौली प्राथमिक विद्यालय के समीप कच्ची सड़क पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया।

तलाशी लेने पर उसके पास से 65 पाउच शराब बरामद हुई।

इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपित शराब लेकर बिहार जाने की तैयारी में था।

हालांकि गिरफ्तार व्यक्ति का नाम और पता उपलब्ध जानकारी में नहीं बताया गया है।

बिहार ले जाने की फिराक में था आरोपित

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित शराब लेकर बिहार जाने की फिराक में था।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से शराब पहुंचाने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।

उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से जुड़े इलाकों में पुलिस अवैध शराब की आवाजाही पर नजर रखती है।

हालांकि इस मामले में बरामद शराब किस स्थान से लाई गई थी और बिहार में किस व्यक्ति तक पहुंचाई जानी थी, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पुलिस की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।

कच्ची सड़क पर रोककर ली तलाशी

खामपार थाना क्षेत्र के छितरौली प्राथमिक विद्यालय के पास कच्ची सड़क पर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को रोका था।

तलाशी के दौरान उसके पास से शराब के 65 पाउच मिले।

पुलिस ने बरामद शराब को कब्जे में लेकर आरोपित को हिरासत में लिया।

इसके बाद उसे गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई।

हालांकि आरोपित के खिलाफ किन कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

रेलमार्ग से तस्करी रोकने पर जोर

रेलवे के माध्यम से बड़ी संख्या में यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हैं।

ऐसे में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अवैध सामान की आवाजाही रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

जीआरपी यात्रियों की सुरक्षा के साथ ट्रेनों में अपराध नियंत्रण के लिए जांच अभियान चलाती है।

लावारिस सामान मिलने पर उसकी जांच करना भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।

मौर्य एक्सप्रेस में शराब से भरा बैग मिलने के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि बैग को ट्रेन में किसने रखा था।

शराब के मालिक की पहचान बाकी

मौर्य एक्सप्रेस से बरामद शराब के मामले में फिलहाल किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है।

शराब लावारिस बैग में रखी मिली थी।

ऐसे में बैग के मालिक और शराब के संभावित गंतव्य का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

रेलवे स्टेशन और ट्रेन में उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास किया जा सकता है।

हालांकि जीआरपी ने इस संबंध में किसी विशेष जांच प्रक्रिया या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की पुष्टि नहीं की है।

दोनों मामलों में अलग-अलग कार्रवाई

भटपाररानी रेलवे स्टेशन और खामपार थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई अलग-अलग हैं।

पहले मामले में जीआरपी ने ट्रेन से 48 पीस अंग्रेजी शराब बरामद की है।

दूसरे मामले में स्थानीय पुलिस ने 65 पाउच शराब के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

दोनों मामलों को आपस में जोड़ने वाली कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

इसलिए फिलहाल इन्हें अलग-अलग बरामदगी के रूप में ही देखा जा रहा है।

अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस की नजर

पुलिस की इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि रेलवे और सड़क मार्ग से शराब की अवैध आवाजाही रोकने के लिए जांच की जा रही है।

विशेष रूप से बिहार सीमा से जुड़े क्षेत्रों में शराब की तस्करी रोकना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती हो सकती है।

इस तरह के मामलों में शराब की आपूर्ति करने वाले व्यक्ति, उसे ले जाने वाले और संभावित खरीदार की पहचान करना भी आवश्यक होता है।

हालांकि मौजूदा दोनों मामलों में किसी बड़े तस्करी नेटवर्क के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

भटपाररानी रेलवे स्टेशन पर मौर्य एक्सप्रेस से 48 पीस अंग्रेजी शराब की बरामदगी और खामपार क्षेत्र में 65 पाउच शराब के साथ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी पुलिस की दो अलग-अलग कार्रवाइयां हैं। अब रेलवे में मिले लावारिस बैग के मालिक की पहचान और गिरफ्तार आरोपित से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

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