गुरु पूर्णिमा पर हर ओर आस्था का माहौल

Update: 2026-07-30 05:09 GMT

पन्ना। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार को जिलेभर में श्रद्धा, आस्था और सम्मान का माहौल देखने को मिला। लोगों ने उत्साह के साथ गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया। इस अवसर पर मंदिरों, आश्रमों, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने अपने गुरुजनों का सम्मान कर उनके मार्गदर्शन और योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व को समर्पित एक विशेष पर्व माना जाता है। इस दिन लोग अपने जीवन में ज्ञान, संस्कार और सही दिशा देने वाले गुरुओं का सम्मान करते हैं। जिले में सुबह से ही धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। कई स्थानों पर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

योग साधकों ने भी गुरु पूर्णिमा के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान योग गुरु दिनेश शर्मा का सम्मान किया गया। शर्मा सरकारी हाई स्कूल बिजलोन में कार्यरत हैं और लंबे समय से लोगों को निःशुल्क योग प्रशिक्षण दे रहे हैं। वह प्रतिदिन पुलिस लाइंस और मंडी मैदान में लोगों को योग का अभ्यास कराते हैं।

योग साधकों ने बताया कि दिनेश शर्मा ने योग को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है। उनके मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से योग कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर साधकों ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की और उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना की।

इस अवसर पर योग कार्यक्रमों में शामिल लोगों ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह जीवन को सही दिशा देने का काम करता है। योग के माध्यम से लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने में दिनेश शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

वहीं, पन्ना स्थित वैष्णव माता कॉलेज में भी गुरु पूर्णिमा का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कॉलेज के छात्रों ने ऑडिटोरियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर अपने शिक्षकों का सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शिक्षकों को पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया और गुरु के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों ने छात्रों को गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

छात्रों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें गुरु की महिमा और भारतीय परंपराओं को दर्शाया गया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जिले के कई अन्य शिक्षण संस्थानों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों का सम्मान किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। शिक्षकों ने भी छात्रों को मेहनत, अनुशासन और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

धार्मिक संस्थानों में भी गुरु पूर्णिमा को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। आश्रमों और मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की और संतों एवं आध्यात्मिक गुरुओं का आशीर्वाद लिया। कई स्थानों पर प्रसाद वितरण और धार्मिक प्रवचन भी आयोजित किए गए।

सांस्कृतिक संगठनों ने भी गुरु पूर्णिमा के महत्व को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने का मार्ग दिखाते हैं।

पूरे जिले में गुरु पूर्णिमा का पर्व शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में गुरुजनों के प्रति सम्मान प्रकट किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

गुरु पूर्णिमा के आयोजनों में एक बात साफ दिखाई दी कि आधुनिक समय में भी गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व कायम है। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, योग हो या आध्यात्मिक मार्गदर्शन, गुरु का योगदान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस पर्व ने लोगों को अपने जीवन में गुरुओं के महत्व को याद करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर दिया।

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