ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट करने के मामले में पुलिस ने 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। घटना 19 सितंबर को भितरवार थाना क्षेत्र में हुई थी। पूरी घटना घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर भी सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक, वीडियो में बाइक पर सवार दो युवक दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि बाइक चला रहा युवक सड़क पर पैदल जा रही छात्रा के पास पहुंचा और उसके साथ बदसलूकी करते हुए उसे थप्पड़ मारा। घटना के बाद छात्रा और उसके परिवार ने भितरवार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना 19 सितंबर को भितरवार थाना क्षेत्र में हुई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। बाद में घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।वीडियो में दो युवक मोटरसाइकिल पर जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, बाइक चला रहा युवक पैदल जा रही लड़की के पास पहुंचता है और कथित तौर पर उसे थप्पड़ मारता है। इसके बाद उसके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है।वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। छात्रा और उसके परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी, अपराध) मनीष यादव ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें मोटरसाइकिल पर दो युवक दिखाई दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वीडियो में सामने बैठा युवक, जो बाइक चला रहा था, एक लड़की को थप्पड़ मारते और उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहा था।डीएसपी के मुताबिक, घटना के बाद लड़की ने भितरवार थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि युवक को आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच अभी जारी है। पूछताछ तथा जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार, इस मामले में भितरवार थाने में पॉक्सो अधिनियम यानी लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही छेड़छाड़ और मारपीट से संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।POCSO कानून नाबालिग बच्चों को यौन अपराधों और उनसे जुड़े उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। ऐसे मामलों में पुलिस को पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता की सुरक्षा का भी ध्यान रखना होता है।मामले की जांच के दौरान पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके अलावा घटना के समय मौजूद लोगों और संबंधित पक्षों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। हालांकि पुलिस की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद शुरू हुई। सोशल मीडिया पर किसी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अक्सर उसकी वास्तविकता और स्थान की पुष्टि करती है।इस मामले में पुलिस ने छात्रा की शिकायत दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। अब जांच एजेंसी वीडियो फुटेज और शिकायत में बताए गए तथ्यों का मिलान कर रही है।पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
आरोपी से पूछताछ जारी
गिरफ्तार किए गए 20 वर्षीय युवक से पुलिस घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें शामिल दूसरे युवक की भूमिका क्या थी।पुलिस सीसीटीवी फुटेज के अलावा घटना से संबंधित अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। मामले में आगे कोई अन्य तथ्य सामने आने पर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल
घटना के बाद इलाके में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्कूल या घर से आने-जाने के दौरान छात्राओं के साथ किसी भी तरह की बदसलूकी की शिकायत सामने आने पर पुलिस से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में शिकायत मिलते ही कार्रवाई की है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और जांच जारी है। अदालत में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य आधार छात्रा की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्य हैं।