वायनाड। केरल में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत आबकारी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। 'ऑपरेशन थंडर' और 'ओणम स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव' के तहत कल्पेट्टा एक्साइज रेंज की टीम ने थालिप्पुझा इलाके में कार्रवाई करते हुए एक युवक को कथित तौर पर MDMA के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 2.229 ग्राम MDMA बरामद होने का दावा किया गया है।

आबकारी विभाग के अनुसार, कार्रवाई कल्पेट्टा एक्साइज रेंज के इंस्पेक्टर जी. जिष्णु के नेतृत्व में की गई। टीम ने थालिप्पुझा इलाके में तलाशी अभियान चलाया था। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी में कथित तौर पर MDMA बरामद हुआ, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी की पहचान सयुज के रूप में

गिरफ्तार आरोपी की पहचान वी.सी. सयुज (36) के रूप में हुई है। वह थमारसेरी के रारोथ, कराडी का रहने वाला बताया गया है। आबकारी अधिकारियों के अनुसार, सयुज के पास से 2.229 ग्राम MDMA बरामद किया गया।

MDMA को अत्यधिक प्रभावशाली और अवैध सिंथेटिक ड्रग के रूप में जाना जाता है। इसके अवैध कारोबार और सेवन के खिलाफ आबकारी विभाग तथा पुलिस लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। विशेष अभियानों के दौरान विभाग की टीमें संदिग्ध इलाकों में निगरानी और तलाशी अभियान चला रही हैं।

मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त

आबकारी टीम ने आरोपी के पास से कथित तौर पर ड्रग्स की बिक्री में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। इसके अलावा ड्रग्स बेचकर प्राप्त किए गए बताए जा रहे 10,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए।

जांच अधिकारियों के लिए मोबाइल फोन महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और कथित तौर पर ड्रग्स की बिक्री या आपूर्ति के लिए किस तरह के संपर्कों का इस्तेमाल किया जाता था।

आबकारी विभाग अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है। जांच का मुख्य उद्देश्य कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना है।

ऑपरेशन थंडर के तहत कार्रवाई

कल्पेट्टा एक्साइज रेंज की यह कार्रवाई मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन थंडर और ओणम स्पेशल एनफोर्समेंट ड्राइव का हिस्सा थी। ओणम के दौरान मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग द्वारा विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के तहत संदिग्ध स्थानों पर तलाशी, वाहनों की जांच और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से जुड़े लोगों पर निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान ड्रग्स की आपूर्ति और बिक्री को रोकना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कई अधिकारियों ने लिया अभियान में हिस्सा

इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर जी. जिष्णु के साथ आबकारी विभाग के कई अधिकारी शामिल थे। टीम में असिस्टेंट एक्साइज इंस्पेक्टर (ग्रेड) जी. अनिलकुमार, सिविल एक्साइज ऑफिसर टी. मुहम्मद मुस्तफा, एम.वी. प्राजीश और महिला सिविल एक्साइज ऑफिसर एस.एस. जिजी शामिल थीं।

अधिकारियों ने थालिप्पुझा क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान सयुज को कथित तौर पर प्रतिबंधित ड्रग के साथ पकड़ा गया।

ड्रग नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही टीम

आबकारी विभाग ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को MDMA कहां से मिला था और वह इसे किन लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है।

मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी इस जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। आबकारी अधिकारी संभावित संपर्कों, लेनदेन और कथित ड्रग बिक्री से संबंधित अन्य जानकारियों की जांच कर रहे हैं।

कोर्ट ने आरोपी को रिमांड पर भेजा

गिरफ्तारी के बाद आबकारी विभाग ने आरोपी को अदालत के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने उसे रिमांड पर भेज दिया है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

विभाग का कहना है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विशेषकर MDMA जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।

थालिप्पुझा में हुई इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने साफ किया है कि जांच केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी। कथित ड्रग तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जाएगी। यदि जांच में नेटवर्क के अन्य सदस्य सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल 2.229 ग्राम MDMA, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद की बरामदगी के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। आरोपी के संपर्कों और ड्रग्स के संभावित स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को ओणम से पहले नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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