तिरुवनंतपुरम: UDF सरकार के सत्ता में आने के बाद हुए पहले उपचुनाव में UDF को झटका लगा। UDF को अपनी कई सीटें LDF को गंवानी पड़ीं। जिन सीटों को वह बचा पाई, उनमें भी उसकी बढ़त काफी कम हो गई।
तिरुवनंतपुरम की चिरायिनकीझु सीट सालों से LDF का गढ़ रही है। हालांकि, हालिया विधानसभा चुनाव में रम्या हरिदास ने चौंकाने वाली जीत हासिल करते हुए यह सीट LDF से छीन ली थी। खुद UDF नेताओं को भी रम्या की जीत की उम्मीद नहीं थी।
लेकिन, सरकार के सत्ता संभालने के बमुश्किल 100 दिनों के भीतर ही, इस क्षेत्र के वोटर UDF से दूर होते दिख रहे हैं। UDF मंगलपुरम और अंचुथेंगु, दोनों सीटें हार गई, जो इसी क्षेत्र में आती हैं। कहा जा रहा है कि रम्या हरिदास से जुड़ी कथित मारपीट की घटना ने इस इलाके में UDF को भारी नुकसान पहुंचाया है। खुद UDF नेताओं ने भी इसे माना है।
अंतिम नतीजों के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम में LDF का पलड़ा भारी रहा है। वर्कला ब्लॉक पंचायत के ओट्टूर डिविजन में जीत CPM के लिए भी एक बड़ी कामयाबी है। विधानसभा चुनाव के दौरान, CPM की पार्षद स्मिता सुंदरेशन ने पार्टी छोड़कर BJP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, जिससे CPM को बड़ा झटका लगा था।
उपचुनाव में, LDF ने 925 वोटों के अंतर से यह डिविजन अपने पास बरकरार रखा। LDF उम्मीदवार को 2,622 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रही NDA को 1,697 वोट मिले। UDF को सिर्फ़ 1,198 वोट ही मिल पाए।