तिरुवनंतपुरम। केरल में कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और एक्सलॉजिक (Exalogic) मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के केरल राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का बचाव करते हुए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विजयन, मोहम्मद रियास और CPI(M) को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए UDF ने ईडी के साथ हाथ मिला लिया है।गोविंदन ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में अदालत के फैसले का विस्तार से अध्ययन करेगी और इसके बाद कानूनी तथा राजनीतिक दोनों स्तरों पर जवाब देगी।
हाईकोर्ट के फैसले पर CPI(M) की प्रतिक्रिया
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा और मोहम्मद रियास सहित अन्य लोगों को CMRL-Exalogic मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति के. नटराजन और न्यायमूर्ति जॉनसन जॉन की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। यह निर्णय अपील की स्वीकार्यता से संबंधित है और इसमें आरोपों की सत्यता पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
कानूनी और राजनीतिक स्तर पर देंगे जवाब
अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गोविंदन ने कहा कि CPI(M) पूरे मामले की कानूनी परिस्थितियों की समीक्षा करेगी।उन्होंने कहा, "इस मामले से जुड़े फैसले का बारीकी से अध्ययन करने के बाद, जैसा कि हमने पहले भी कहा था, हम इसका कानूनी और राजनीतिक, दोनों स्तरों पर प्रभावी ढंग से सामना करेंगे।"गोविंदन ने यह भी कहा कि वास्तव में केरल सरकार को इस मामले में अपील दायर करनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से अपील दाखिल नहीं किए जाने के कारण अदालत ने आदेश के अनुपालन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
UDF और ED पर लगाए गंभीर आरोप
CPI(M) के राज्य सचिव ने आरोप लगाया कि इस मामले का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि UDF और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का निशाना पिनाराई विजयन, मोहम्मद रियास और उनकी पार्टी है।गोविंदन इससे पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि CMRL से कथित रूप से धन प्राप्त करने वाले अन्य राजनीतिक व्यक्तियों की भूमिका की समान स्तर पर जांच नहीं हो रही है। उन्होंने जांच एजेंसियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया था।हालांकि, UDF और ED के बीच मिलीभगत का उनका दावा राजनीतिक आरोप है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है CMRL-Exalogic मामला?
यह विवाद कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। एक्सलॉजिक कंपनी पिनाराई विजयन की बेटी वीणा से जुड़ी रही है।आरोप है कि कंपनी को ऐसी सेवाओं के बदले भुगतान किया गया, जो कथित रूप से प्रदान नहीं की गई थीं। इसी मामले में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जांच शुरू हुई।केरल हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राज्य के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 12 अक्टूबर को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। इनमें विजयन, वीणा और मोहम्मद रियास के नाम शामिल हैं।
ED की जांच से बढ़ीं राजनीतिक हलचल
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने भी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में जांच आगे बढ़ाई है। रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ने CMRL-Exalogic भुगतान विवाद और एक अलग कथित हवाला मामले में कार्रवाई शुरू की है।इन मामलों में वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होना या जांच शुरू होना किसी व्यक्ति के दोषी साबित होने के बराबर नहीं है।
केरल की राजनीति में बढ़ा विवाद
CMRL-Exalogic मामला अब केरल में कानूनी कार्रवाई के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का भी प्रमुख विषय बन गया है। एक ओर जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल कर रही हैं, वहीं CPI(M) ने पूरी कार्रवाई के पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने का आरोप लगाया है।गोविंदन ने स्पष्ट किया है कि पार्टी अदालत के फैसले का अध्ययन करने के बाद आगे की रणनीति तय करेगी। अब इस मामले में आगामी न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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