पांडालम/केरल: पांडालम नगरपालिका क्षेत्र में अचनकोविल नदी के किनारे बने पुराने तटबंध अब जर्जर हालत में पहुंच गए हैं और कभी भी ढह सकते हैं। लंबे समय से मरम्मत के अभाव और लगातार हो रहे किनारे के कटाव के कारण नदी किनारे बसे कई परिवारों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
पांडालम नगरपालिका के पहले वार्ड में स्थित पुल्लामथिल, इरुवुमन्निल और वाझानिक्काकुझी क्षेत्रों में बने तटबंधों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये तटबंध इतने कमजोर हो चुके हैं कि तेज बारिश या नदी में पानी का स्तर बढ़ने पर इनके टूटने की आशंका बनी रहती है।
नदी के लगातार कटाव के कारण कई स्थानों पर जमीन कम होती जा रही है और घर नदी के बेहद करीब पहुंच गए हैं। इससे स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है।
नदी से महज दो-तीन मीटर दूर हैं कई घर
स्थानीय लोगों के अनुसार, अचनकोविल नदी के किनारे कटाव के कारण करीब दस घर ऐसे हैं, जो अब नदी से केवल दो से तीन मीटर की दूरी पर रह गए हैं। इन घरों के नीचे की जमीन धीरे-धीरे कमजोर हो रही है, जिससे भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि अगर समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं की गई तो नदी का पानी घरों तक पहुंच सकता है और लोगों को विस्थापित होना पड़ सकता है।
नदी किनारे रहने वाले परिवारों में हर बारिश के मौसम में चिंता बढ़ जाती है। लोगों को डर रहता है कि तेज बहाव या जलस्तर बढ़ने की स्थिति में उनके घरों और संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है।
कई परिवारों पर मंडरा रहा कटाव का खतरा
स्थानीय जानकारी के अनुसार, थोट्टकोनम के पूझिथारा में सुरेश कुमार का घर, इरुवुमन्निल में अनिल कुमार का घर, वाल क्षेत्र में शांथम्मा, सोमन पिल्लई और विजयकुमार के घर, पलक्कड़ के एडप्पुरा में इंदिराम्मा का घर और मुदियुरकोनम के थाचापुझम में श्रीकुमार का घर कटाव के खतरे वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।
इन परिवारों का कहना है कि नदी का किनारा लगातार टूट रहा है और हर साल स्थिति और खराब होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
पुराने तटबंध बने बड़ी चिंता
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बने तटबंध काफी पुराने हैं और लंबे समय से उनकी उचित मरम्मत नहीं हुई है। समय के साथ उनकी मजबूती कम होती गई और अब वे नदी के दबाव को झेलने की स्थिति में नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा। नदी किनारे मजबूत और स्थायी सुरक्षा संरचना तैयार करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
अचनकोविल नदी में बारिश के दौरान पानी का बहाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में कमजोर तटबंधों पर दबाव और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान उनकी चिंता कई गुना बढ़ जाती है।
लोगों ने बताया कि रात के समय स्थिति और मुश्किल हो जाती है, क्योंकि अचानक कटाव या तटबंध टूटने की स्थिति में प्रतिक्रिया देने का समय बहुत कम मिल सकता है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने पांडालम नगरपालिका और संबंधित विभागों से मांग की है कि खतरे वाले क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण किया जाए और तटबंधों की मरम्मत का काम शुरू किया जाए।
लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कदम उठाने के बजाय पहले से ही सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने नदी किनारे सुरक्षा दीवार बनाने और कटाव रोकने के लिए वैज्ञानिक उपाय अपनाने की मांग की है।
नदी और आबादी के बीच संतुलन जरूरी
नदी किनारे बसे क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। जहां अचनकोविल नदी स्थानीय जीवन और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, वहीं इसके किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नदी कटाव को रोकने के लिए नियमित निगरानी, मजबूत तटबंध और उचित जल प्रबंधन जरूरी है। अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में नुकसान बढ़ सकता है।
फिलहाल पांडालम नगरपालिका क्षेत्र के कई परिवार प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा उपायों पर जल्द फैसला लिया जाएगा, ताकि उनके घर और जीवन सुरक्षित रह सकें।