अलाप्पुझा: पूर्व दिशा से तेज बहाव के साथ आए पानी के कारण थोट्टापल्ली स्पिलवे शटर में जमा हुए कचरे को आखिरकार हटा दिया गया। नदी से बहकर आए प्लास्टिक, लकड़ी और बांस के बड़े हिस्से के कारण पानी के प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही थी। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद आबकारी एवं सहकारिता मंत्री एम. लिजू ने मौके का दौरा किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री के निर्देश के बाद सिंचाई विभाग ने सफाई अभियान तेज किया और हिताची मशीन की मदद से स्पिलवे शटर में फंसे कचरे को हटाया गया। कचरा हटने के बाद पानी का बहाव सामान्य होने लगा और क्षेत्र में बनी चिंता कम हुई।
जानकारी के अनुसार, हाल में हुई भारी बारिश के बाद नदी में पानी का प्रवाह बढ़ गया था। इसी दौरान ऊपर के इलाकों से बहकर आए प्लास्टिक कचरे, लकड़ियों और बांस के टुकड़ों का बड़ा हिस्सा थोट्टापल्ली स्पिलवे शटर और अस्थायी लोहे के पुल के पास जमा हो गया था।
कचरे के जमा होने से स्पिलवे के जरिए पानी के निकासी मार्ग में रुकावट आने लगी थी। इससे स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि लगातार पानी का दबाव बढ़ने से जल प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।
मामले की जानकारी मीडिया में आने के बाद प्रशासन का ध्यान इस ओर गया। खबरों के साथ कचरा जमा होने की तस्वीरें भी सामने आईं, जिसके बाद संबंधित विभागों ने स्थिति की समीक्षा की।
इसके बाद आबकारी एवं सहकारिता मंत्री एम. लिजू ने सुबह थोट्टापल्ली पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि पानी के प्रवाह में किसी भी तरह की बाधा को जल्द से जल्द दूर किया जाए।
मंत्री के निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। भारी मशीनों की मदद से स्पिलवे शटर में फंसे कचरे को हटाया गया। सफाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि पानी का बहाव सुचारु रूप से जारी रहे और किसी तरह का खतरा उत्पन्न न हो।
अधिकारियों के अनुसार, नदी में अचानक आने वाले कचरे को पूरी तरह रोकना मुश्किल होता है, लेकिन ऐसी स्थिति में समय पर सफाई करना जरूरी होता है। इसके लिए निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने भी कचरा हटाने की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बारिश और बाढ़ के समय नदी में बहकर आने वाला प्लास्टिक और अन्य कचरा जल निकासी व्यवस्था के लिए बड़ी समस्या बन सकता है।
थोट्टापल्ली स्पिलवे क्षेत्र जल प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए शटर प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में शटर के पास किसी भी तरह की रुकावट को गंभीरता से लिया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित निरीक्षण और सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा। नदी में बहकर आने वाले कचरे की निगरानी के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री एम. लिजू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मानसून के दौरान जल निकासी से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
फिलहाल थोट्टापल्ली स्पिलवे शटर में जमा कचरा हटा दिया गया है और पानी का बहाव सामान्य हो गया है। प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जल प्रबंधन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।