Kerala केरल। मानवता और त्वरित समन्वय का प्रेरक उदाहरण सामने आया, जब एक 10 माह के शिशु के अंगों को लेकर एंबुलेंस ने कोच्चि से तिरुवनंतपुरम तक की दूरी महज 3 घंटे 15 मिनट में तय कर ली। सामान्य परिस्थितियों में यह सफर आमतौर पर 5 से 6 घंटे का होता है, लेकिन ग्रीन कॉरिडोर और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की बदौलत एंबुलेंस निर्धारित समय से काफी पहले गंतव्य तक पहुंच गई।
अधिकारियों के अनुसार, अंगों को आज रात निर्धारित दो सर्जरी के लिए शहर के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों — KIMS Hospital, SAT Hospital, और Sree Chitra Tirunal Institute — में पहुंचाया गया। समय की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पूरे मार्ग पर ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया, जिससे एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के तेज़ी से आगे बढ़ सकी।
इस मिशन में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ आम नागरिकों की भूमिका भी सराहनीय रही। रास्ते में लोगों ने स्वेच्छा से वाहनों को किनारे कर एंबुलेंस को निर्बाध मार्ग दिया। ट्रैफिक सिग्नलों का समुचित नियंत्रण और निरंतर निगरानी से एंबुलेंस की गति बनाए रखी गई।
स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने इस तेज़ और सुरक्षित परिवहन को अंग प्रत्यारोपण जैसी जटिल प्रक्रियाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। चिकित्सकों ने कहा कि समय पर अंगों का पहुंचना सर्जरी की सफलता में निर्णायक कारक होता है। यह घटना न केवल आपातकालीन सेवाओं की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि समाज के सामूहिक सहयोग और संवेदनशीलता का भी सशक्त संदेश देती है।
Tags: