तिरुवनंतपुरम : केरल के सामान्य शिक्षा विभाग ने एक स्कूल शिक्षक को क्विज प्रतियोगिता की प्रश्नावली में दिए गए विवादित उत्तर के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामला कासरगोड जिले का है, जहां ‘सोशल साइंस क्लब फ्रीडम क्विज-2026’ के तहत आयोजित प्रतियोगिता की प्रश्नावली में हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर को उस स्वतंत्रता सेनानी के रूप में बताया गया था, जिन्हें अंग्रेजों ने सबसे अधिक सजा दी थी। प्रश्न के उत्तर को लेकर विवाद खड़ा होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की।
सामान्य शिक्षा निदेशक स्नेहिल कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कासरगोड जिले के कुंबला उप-जिले के एडेड अपर प्राइमरी स्कूल (एयूपीएस), पल्लथड़का के शिक्षक गुरु प्रसाद को निलंबित किया गया है। विभाग की ओर से यह कार्रवाई कासरगोड के उप शिक्षा निदेशक की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। रिपोर्ट में प्रश्नावली तैयार करने की प्रक्रिया और उसमें शामिल विवादित प्रश्न के लिए जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश की गई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, ‘सोशल साइंस क्लब फ्रीडम क्विज-2026’ का स्कूल स्तर पर आयोजन छह अगस्त को कुंबला और मंजेश्वर उप-जिलों के विभिन्न स्कूलों में किया गया था। प्रतियोगिता में लोअर प्राइमरी, अपर प्राइमरी और हाई स्कूल वर्ग के विद्यार्थियों को शामिल किया गया था। लोअर प्राइमरी वर्ग के लिए तैयार प्रश्नावली में कुल 15 प्रश्न रखे गए थे। इसके अलावा पांच टाई-ब्रेकर प्रश्न भी शामिल किए गए थे।
इसी प्रश्नावली के पांचवें सवाल में विद्यार्थियों से पूछा गया था कि अंग्रेजों द्वारा सबसे अधिक सजा पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी कौन थे। इस सवाल के उत्तर के तौर पर वीडी सावरकर का नाम दिया गया था। प्रश्न और उसके उत्तर को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसके बाद शिक्षा अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की गई।
विवाद बढ़ने के बाद केरल की राजनीति में भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और उससे जुड़े छात्र एवं युवा संगठनों ने इस मामले की आलोचना की। इन संगठनों की ओर से कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर शिक्षा क्षेत्र में संघ परिवार के विचारों और एजेंडे को जगह देने का आरोप लगाया गया।
माकपा के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सावरकर के इतिहास को छिपाने और उन्हें महिमामंडित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों के बीच शिक्षा विभाग ने अपने स्तर पर प्रश्नावली तैयार करने की प्रक्रिया की जांच कराई।
जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र तैयार करने का काम शिक्षक गुरु प्रसाद के नेतृत्व में शिक्षकों की एक टीम ने किया था। उप शिक्षा निदेशक की रिपोर्ट में जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके बाद सामान्य शिक्षा निदेशक ने गुरु प्रसाद को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
विभाग ने स्कूल के प्रबंधक को भी केरल शिक्षा नियमों के तहत गुरु प्रसाद के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। उप शिक्षा निदेशक को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपने के लिए कहा गया है।
इस घटना ने स्कूलों में आयोजित होने वाली शैक्षणिक प्रतियोगिताओं और प्रश्नावली तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। शिक्षा विभाग के सामने अब यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जाने वाले प्रश्न तथ्यात्मक रूप से सही, ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित और विवाद से मुक्त हों।
फिलहाल शिक्षक के निलंबन के बाद विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ रही है। वहीं, सावरकर से जुड़े सवाल और उसके उत्तर को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी है। शिक्षा विभाग की विस्तृत जांच और आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि प्रश्न तैयार करने में किन स्तरों पर लापरवाही हुई और इसके लिए कितने लोगों की जिम्मेदारी तय की जाती है।