Keral केरल: सरकार के शिक्षा मंत्री वी. शिवकुट्टी ने कहा है कि राज्य के स्कूल छात्रों को SIR (Special Intensive Revision) ड्यूटी या किसी अन्य प्रशासनिक गतिविधियों में शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि आने वाली परीक्षाओं के चलते इसका उनके अध्ययन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि छात्रों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। मंत्री शिवकुट्टी ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि "परीक्षा के समय छात्रों को किसी भी प्रकार के अतिरिक्त काम में लगाने से उनकी तैयारी प्रभावित होगी। इसलिए, SIR ड्यूटी में छात्रों की भागीदारी पूरी तरह से बंद रहेगी।" उन्होंने स्कूल प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे इस दिशा में कोई भी पहल करते समय छात्रों के हित को सर्वोपरि मानें।
SIR ड्यूटी आमतौर पर छात्रों और शिक्षकों के सहयोग से स्कूलों में आयोजित होती है, जिसमें परीक्षा की तैयारी, अभ्यर्थियों के लिए मार्गदर्शन, और प्रशासनिक सहयोग जैसे कार्य शामिल होते हैं। लेकिन मंत्री शिवकुट्टी ने कहा कि छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए, इस बार परीक्षा के दौरान छात्रों को इस गतिविधि से अलग रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासनिक कार्यों को संचालित करना नहीं है, बल्कि छात्रों के शैक्षणिक विकास और उनके मानसिक स्वास्थ्य का संरक्षण करना भी है। उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह बेहद जरूरी है कि छात्र परीक्षा की तैयारी पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकें और उनका प्रदर्शन बाधित न हो।"
शिक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि स्कूल छात्रों को किसी भी तरह की अतिरिक्त जिम्मेदारी तभी सौंपी जाएगी जब यह उनकी शिक्षा और परीक्षा की तैयारी को प्रभावित न करे। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस निर्देश का सख्ती से पालन करें। इस निर्णय से स्कूल छात्रों और उनके अभिभावकों को राहत मिली है, क्योंकि परीक्षा का समय बच्चों के लिए सबसे तनावपूर्ण होता है। अभिभावकों का कहना है कि SIR जैसी ड्यूटी से छात्रों का समय और ऊर्जा व्यर्थ खर्च हो सकती थी, जिससे परीक्षा में उनके प्रदर्शन पर असर पड़ सकता था।
इसके अलावा मंत्री ने शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को याद दिलाया कि SIR और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों में केवल योग्य और अनुभवी कर्मचारियों को लगाया जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार हमेशा उनकी भलाई के लिए नीतियां बनाएगी।