कोच्चि: अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि एर्नाकुलम के यहूदी प्रार्थना-स्थल (सिनगॉग) में आगजनी के मामले का आरोपी, एबिन बी. पॉल, बड़े वित्तीय लेन-देन में शामिल था। इस घटना को एक गंभीर मामला बताते हुए, अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि एबिन मुवाट्टुपुझा में हुई आगजनी की घटना में भी शामिल था।
अभियोजन पक्ष ने इन आरोपों से जुड़े सबूत जुटाने और विस्तृत जांच करने के लिए पुलिस हिरासत की मांग की। एर्नाकुलम मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार कर लिया और एबिन को पुलिस हिरासत में भेज दिया। वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि एबिन मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए दवा ले रहा है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि हिरासत के दौरान एबिन की मेडिकल जांच हो और उसे जरूरी दवाएं व इलाज मिले। अदालत ने पुलिस को यह भी आदेश दिया कि वे हर 48 घंटे में उसकी स्वास्थ्य स्थिति और हिरासत की स्थिति के बारे में रिपोर्ट सौंपें। इसके बाद, एबिन को पांच दिनों के लिए एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया।
सिनगॉग में आगजनी के पांच मिनट के भीतर ही एबिन को 2 लाख रुपये मिले। आरोप है कि यहूदी प्रार्थना-स्थल के प्रवेश द्वार पर आग लगाने के पांच मिनट के भीतर ही एबिन बी. पॉल को 'बॉस' कहे जाने वाले एक पाकिस्तानी हैंडलर से 2 लाख रुपये मिले। इसकी तुलना में, मुवाट्टुपुझा के मेक्कादाम्बू में पुरानी कारों के शोरूम पर पेट्रोल बम से किए गए पिछले हमले के लिए उसे केवल 5,000 रुपये मिले थे। माना जा रहा है कि भुगतान में यह भारी बढ़ोतरी उसे और भी गंभीर अपराध करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी। यह रकम सोमवार तड़के करीब 2:30 बजे, सिनगॉग में आगजनी के कुछ ही समय बाद, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भेजी गई थी। एबिन ने आग लगाते हुए अपना वीडियो भी हैंडलर को भेजा था।
जब एबिन पेट्रोल लेकर पुथेनक्रुज़ स्थित अपने घर से निकला, तो हैंडलर उसकी हर गतिविधि पर नज़र रख रहा था। घटना से एक दिन पहले शाम करीब 7 बजे, एबिन सिनगॉग पहुंचा था, वहां की तस्वीरें लीं और उन्हें हैंडलर को भेजकर उस जगह की पुष्टि की, जहां आग लगानी थी। आरोप है कि आरोपी ने दिल्ली सहित कई जगहों पर विस्फोट करने की भी योजना बनाई थी। एर्नाकुलम सेंट्रल स्टेशन हाउस ऑफिसर अनीश जॉय के नेतृत्व वाली एक टीम एबिन से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने कहा कि जरूरत पड़ने पर 'गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि एबिन ने डार्क वेब पर नशीले पदार्थों की तलाश की थी। आशंका है कि इसी वजह से वह चरमपंथी समूहों के संपर्क में आ गया।
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