तिरुवनंतपुरम: लगभग दो दशक बाद, केरल यूनिवर्सिटी में 2008 के 'असिस्टेंट एग्जाम' मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। क्राइम ब्रांच अब यूनिवर्सिटी के तत्कालीन शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ अपने आधिकारिक पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप दायर करने की तैयारी कर रही है।
मामले की पूरी फाइल क्राइम ब्रांच के ADGP एच. वेंकटेश को सौंप दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें तत्कालीन वाइस चांसलर (VC) सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की 'अनौपचारिक' मंजूरी मिल गई है। अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में औपचारिक फैसला इसी हफ्ते लिया जाएगा।
इस मामले में पूर्व VC एम. के. रामचंद्रन नायर को पहला आरोपी बनाया जाएगा। इसके अलावा, तत्कालीन प्रो-VC वी. जयप्रकाश, पूर्व रजिस्ट्रार के. ए. हाशिम, और सिंडिकेट सदस्य ए. ए. रशीद, बी. एस. राजीव (दिवंगत), के. ए. एंड्रयू और एम. पी. रसेल को भी आरोपियों की सूची में शामिल किया जाएगा। इस तरह कुल सात लोगों को आरोपी बनाया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों को इस विवादित लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए नौकरी मिली थी, उन्हें फिलहाल केवल 'संदेह के दायरे' में रखा जाएगा। उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के बाद ही शुरू की जाएगी।