तिरुवनंतपुरम: 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' और सूर्य कृष्णमूर्ति का साथ कई सालों पुराना है। लेकिन नई सदी की शुरुआत में यह रिश्ता और खास हो गया। जब अखबार ने अपने शहरी पाठकों के लिए 'सिटी एक्सप्रेस' नाम का एक अलग सेक्शन (पुल-आउट) शुरू करने का फैसला किया, तो इसके आधिकारिक लॉन्च के मौके पर होने वाले कला कार्यक्रमों को कौन तैयार करेगा, इसे लेकर कोई शक नहीं था।
तय हुआ कि यह काम सूर्य कृष्णमूर्ति ही करेंगे। 17 अगस्त 2006 को राज्य की राजधानी में अखबार का लॉन्च हुआ। इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वी.एस. अच्युतानंदन जैसी बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। कृष्णमूर्ति ने अपने अनोखे अंदाज़ और हुनर से इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
डांस परफॉर्मेंस ने दर्शकों का मन मोह लिया, लेकिन इस कलात्मक कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा 24 महिला कलाकारों का वीणा वादन था, जिसने पूरी शाम का माहौल और लय तय कर दी। कार्यक्रम में शामिल एक अनुभवी पत्रकार ने याद किया कि कैसे कृष्णमूर्ति ने कला और सौंदर्य के मूल्यों को मिलाकर एक जादू सा रच दिया था।
सादगी ही इस कार्यक्रम की सफलता का मंत्र थी, क्योंकि इसने कला के जानकारों और आम दर्शकों, दोनों को ही मंत्रमुग्ध कर दिया। कृष्णमूर्ति खुद सादगी के पक्षधर थे—जैसा कि उन्होंने सालों बाद 'एक्सप्रेस डायलॉग' के दौरान बताया था—शायद वे अपनी ऐसी छाप छोड़ रहे थे जिसने वहां मौजूद खास लोगों के दिलों को छू लिया।