केरल में कुदरत का कहर, भूस्खलन ने ली 4 जानें

Update: 2026-08-01 14:24 GMT

केरल: भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति बन गई है। इडुक्की और कोट्टायम जिलों में अलग-अलग जगहों पर हुए भूस्खलन में चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं पथानामथिट्टा जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा असर पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों में देखने को मिला है। बारिश का क्षेत्र एर्नाकुलम जिले की सीमा तक फैल गया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग और प्रशासन पहले ही भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी कर चुके थे। अधिकारियों ने बताया कि लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी। कई लोगों ने चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जिससे बड़े नुकसान को रोकने में मदद मिली।

बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वडासेरीकारा क्षेत्र में 24 घंटे से भी कम समय में 302 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं लाहाई इलाके में करीब 260 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकारियों ने इसे असाधारण रूप से भारी बारिश बताया है।

भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरी काम के घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत टीमों को तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।

अधिकारियों ने लोगों से आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने मोबाइल फोन में सचेत एप इंस्टॉल करें, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र के अनुसार मौसम संबंधी अलर्ट समय पर मिल सकें।

केरल में मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं पहले भी चिंता का विषय रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जमीन धंसने और चट्टानें खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।

फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी भेजी जाएंगी। राज्य सरकार ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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