तिरुवनंतपुरम: स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने लियोनेल मेसी को केरल लाने के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले में 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज करने की नई सिफारिश की है। रिपोर्ट में पाया गया कि मुख्य प्रायोजक, रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी ने आर्थिक लाभ पाने के लिए साजिश रची थी। इसमें यह भी पाया गया कि कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर, एंटो ऑगस्टीन ने अधिकारियों को गुमराह किया और एक समझौता किया।
एंटो ऑगस्टीन और उनके साथ मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के मामले में आरोप लग सकते हैं। SIT ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कस्टम्स से भी जांच कराने की सिफारिश की है। SIT की रिपोर्ट में आगे की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को पत्र भेजने की सिफारिश की गई है। SIT आज अपनी शुरुआती रिपोर्ट राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपेगी।
कलमासेरी पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है। SIT की रिपोर्ट में कहा गया है कि 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के प्रावधानों को लागू करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। इसने भ्रष्टाचार का अलग मामला दर्ज करने के बजाय मौजूदा FIR में संबंधित प्रावधानों को जोड़ने की सिफारिश की है।
SIT की रिपोर्ट ऐसे सबूतों की ओर भी इशारा करती है जिनसे पता चलता है कि एक निजी व्यक्ति को अनधिकृत आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए आधिकारिक तंत्र का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया था। यह समझौता सरकारी अनुमति के बिना किया गया था, और अनुबंध में कहा गया था कि यह सरकार की साझेदारी वाला प्रोजेक्ट है। इसमें यह भी बताया गया था कि सरकार मेहमाननवाज़ी (hospitality) सहित सभी खर्च उठाएगी।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मेसी की प्रस्तावित यात्रा के प्रचार से कंपनी की ब्रांड वैल्यू बढ़ गई, जिससे कथित तौर पर अनधिकृत आर्थिक लाभ हुआ।