तिरुवनंतपुरम: ADGP एम.आर. अजित कुमार को एक और झटका लगा है। सरकार ने विवादित "रेस्क्यू ऑपरेशन" मामले के सिलसिले में उनके निलंबन को 120 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। वे पहले ही निलंबन के तहत तीन महीने पूरे कर चुके थे।
यह विवादित घटना पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई थी। अजित कुमार को उस समय के मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों द्वारा KSU और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर किए गए हमले की जांच में बाधा डालने के आरोप में निलंबित किया गया था। ये कार्यकर्ता LDF सरकार की 'नवा केरल यात्रा' के दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पिछली जांच टीम ने SIT को बताया था कि शुरुआती जांचकर्ताओं को ADGP के कार्यालय में बुलाया गया था और उनसे केस डायरी में बदलाव करने के लिए कहा गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेड SI गिरीश और श्रीकांत ने ADGP की पूरी जानकारी में आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की और अधिकारियों को धमकाया। इन खुलासों के बाद, गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने अजित कुमार को निलंबित करने की सिफारिश की, जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी। सरकार ने उनके खिलाफ यह अहम कार्रवाई ठीक उस समय की, जब उन्हें DGP के पद पर पदोन्नत (प्रमोट) किया जाने वाला था।
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