पलक्कड़। केरल के थेनकारा पंचायत क्षेत्र के मेझुकुमपारा में मंगलवार सुबह वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ फंस गया। रिहायशी इलाके और जंगल की सीमा के बीच स्थित रबर बागान में लगाए गए इस पिंजरे में तेंदुआ सुबह करीब 4 बजे फंसा। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह-सुबह रबर निकालने के लिए जा रहे कुछ लोगों ने बागान में लगे पिंजरे के अंदर तेंदुए को देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीमें सक्रिय हुईं और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
रिहायशी इलाके के पास लगाया गया था पिंजरा
वन विभाग ने यह पिंजरा रिहायशी क्षेत्र और जंगल की सीमा के बीच स्थित रबर बागान में लगाया था। पिछले कुछ समय से इलाके में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई थी। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई थी और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था।
मंगलवार सुबह इसी पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों में राहत की भावना देखी गई, क्योंकि यह इलाका आबादी के काफी करीब है।
वन अधिकारियों ने संभाली स्थिति
तेंदुए के पिंजरे में फंसने की सूचना मिलने के बाद मन्नारकाड डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) सी. अब्दुल लतीफ, रेंज ऑफिसर इमरोस एलियास नवाज और अनामुली वन स्टेशन के डिप्टी रेंज ऑफिसर मुहम्मद अशरफ मौके पर पहुंचे।
वन अधिकारियों के साथ स्टेशन स्टाफ और रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) के सदस्य भी घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और यह सुनिश्चित किया कि तेंदुए को पकड़ने की प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
सुबह 6 बजे पहुंचाया गया वन कार्यालय
वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए तेंदुए को पिंजरे सहित सुरक्षित तरीके से मन्नारकाड स्थित वन प्रभाग कार्यालय परिसर में पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया।
सुबह करीब 6 बजे तक तेंदुए को वन कार्यालय परिसर में पहुंचा दिया गया। इसके बाद वन विभाग के विशेषज्ञों ने तेंदुए की स्थिति का निरीक्षण किया।
जंगल के अंदर छोड़ने की तैयारी
वन विभाग के अधिकारी अब तेंदुए को जंगल के अंदरूनी हिस्से में सुरक्षित छोड़ने की प्रक्रिया में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जाएगा, ताकि वह सुरक्षित रह सके और मानव आबादी से दूरी बनी रहे।
वन विभाग की टीम तेंदुए के स्वास्थ्य और व्यवहार की भी निगरानी कर रही है। इसके बाद स्थान और परिस्थितियों को देखते हुए उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।
जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे। ब्लॉक पंचायत सदस्य गिरीश गुप्ता और थेनकारा पंचायत के सदस्य ए. शौकतअली, बिनीश और सुधीश ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर निगरानी
केरल के कई वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएं सामने आती रही हैं। जंगलों के आसपास बढ़ती आबादी और गतिविधियों के कारण कई बार जंगली जानवर रिहायशी इलाकों के करीब पहुंच जाते हैं।
वन विभाग ऐसे क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखता है और जरूरत पड़ने पर पिंजरे लगाकर वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ने की कार्रवाई करता है।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद मेझुकुमपारा और आसपास के इलाकों के लोगों ने राहत महसूस की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी से खासकर सुबह और शाम के समय डर का माहौल बना हुआ था।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल या वन क्षेत्र के आसपास सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि नजर आने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।
फिलहाल तेंदुआ वन विभाग की निगरानी में है और उसे जल्द ही सुरक्षित रूप से जंगल के अंदर छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है।