Kerala केरल: तिरुवनंतपुरम में बढ़ती गर्मी के कारण केरल में बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई है, जिससे राज्य की विद्युत व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है। केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) को बढ़ती मांग को संभालने के लिए अतिरिक्त उपाय तलाशने पड़ रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 18 अप्रैल को राज्य में बिजली की पीक खपत 117.16 मिलियन यूनिट के अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा राज्य में ऊर्जा उपयोग के बढ़ते दबाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
इसी दिन शाम 6 बजे से 10 बजे के बीच बिजली की अधिकतम मांग 6,033 मेगावाट तक दर्ज की गई, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है। इस समयावधि में घरेलू और व्यावसायिक उपयोग दोनों में तेजी से वृद्धि देखी गई।
बढ़ती मांग के कारण ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है। कई क्षेत्रों में वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की स्थिति भी सामने आई है, जिससे उपभोक्ताओं को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ा।
Kerala State Electricity Board के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में बिजली की मांग में यह बढ़ोतरी सामान्य है, लेकिन इस बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से प्रबंधन चुनौतियां बढ़ गई हैं। बोर्ड स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी और परिचालन स्तर पर कदम उठा रहा है।
बिजली आपूर्ति प्रणाली को स्थिर रखने के लिए ग्रिड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोड बैलेंसिंग और आपूर्ति सुधारने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव के कारण एयर कंडीशनर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे घरेलू खपत में तेजी आई है। इसके अलावा व्यावसायिक क्षेत्रों में भी बिजली उपयोग में वृद्धि देखी गई है।
KSEB ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली का समझदारी से उपयोग करें और अनावश्यक खपत से बचें, ताकि ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग और अधिक बढ़ सकती है, जिससे सप्लाई मैनेजमेंट और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल KSEB स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संभावित पावर संकट से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।