केरल वन विभाग अप्रैल और मई में राज्य में बाघों और हाथियों की जनगणना करेगा, राज्य के वन मंत्री एके ससींद्रन ने रविवार, 26 फरवरी को घोषणा की। मंत्री ने मीडियाकर्मियों को बताया कि वायनाड वन प्रभाग में बाघों की गणना की जाएगी। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में जबकि 17 व 18 मई को जंगली हाथियों की गणना की जाएगी।
हाथियों और बाघों की गिनती का पर्यवेक्षण मुख्य वन्य जीव संरक्षक करेंगे तथा राज्य स्तर पर सर्वेक्षण के लिए अपर प्रधान मुख्य संरक्षक नोडल अधिकारी होंगे। वायनाड और कन्नूर वन प्रभागों में बाघों की गणना होगी, जिसमें अरलम और कोट्टियूर के वन्यजीव अभयारण्य, वायनाड उत्तर और दक्षिण प्रभाग के कुछ हिस्से और वायनाड वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं।
वन विभाग बाघों की सही संख्या का अनुमान लगाने के लिए 2018 और 2022 में अखिल भारतीय बाघ जनगणना के दौरान पहले लगाए गए 312 स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाएगा। हाथी सर्वेक्षण 17 और 18 मई को आयोजित किया जाएगा और आने वाले दिनों में विस्तृत विवरण तैयार किया जाएगा, जिसमें व्यापक जनगणना के लिए आवश्यक टीमों की संख्या के साथ-साथ इसके लिए आवश्यक गैजेट और अन्य उपकरण शामिल होंगे।

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