Kerala : 8 साल से टूटा पड़ा थोप्पिलकाडवु पुल, आदिवासी परिवारों की बढ़ी मुश्किलें
Kerala केरल: कोराथोडे और पेरुवन्थनम पंचायतों को जोड़ने वाला थोप्पिलकाडवु पुल पिछले लगभग आठ साल से जर्जर और टूटा हुआ पड़ा है। 15 अगस्त 2018 की भारी बाढ़ में यह पुल बह गया था, लेकिन उसके बाद से अब तक इसके पुनर्निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी घोषणाएँ सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
यह पुल पहले स्थानीय लोगों द्वारा अपनी पहल पर बनाया गया था, जब सरकारी स्तर पर इस दिशा में कोई सक्रियता नहीं दिखाई गई थी। बाद में 2018 की बाढ़ ने इसे पूरी तरह से बहा दिया, जिसके बाद क्षेत्र के लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई।
यह पुल केवल एक संरचना नहीं था, बल्कि आसपास के कई गांवों के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता था। इसके माध्यम से मलयाराया आदिवासी समुदाय के 250 से अधिक परिवार, जो मुख्य रूप से मूझिक्कल कुट्टिकायम क्षेत्र में रहते हैं, बाहरी दुनिया से जुड़ते थे। पुल के टूटने के बाद इन परिवारों को दैनिक आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कामों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि नदी का जलस्तर बढ़ने से आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो जाती है। कई बार मरीजों और छात्रों को जोखिम उठाकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में उनकी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
इस बीच, स्थानीय समुदाय लगातार मांग कर रहा है कि सरकार इस पुल के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दे और जल्द से जल्द स्थायी समाधान उपलब्ध कराए, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।