Kerala केरल: एक सड़क दुर्घटना में 57 वर्षीय गृहिणी की मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। मामले में अब पुलिस पर सबूत नष्ट करने और लापरवाही बरतने की मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं, जिससे जांच को लेकर विवाद गहरा गया है।

यह घटना पुल्लिपरम्बा क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां लिन्सी (57) की मौत सड़क पर बने गड्ढे में गिरने और उसके बाद एक वाहन की चपेट में आने से हो गई थी। परिजनों और स्थानीय संगठनों का आरोप है कि यह पूरी घटना सड़क की खराब स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा 12 मई 2026 को शाम करीब 7 बजे इकंदरवारी रोड पर हुआ था। लिन्सी अपने स्कूटर पर घर लौट रही थीं, तभी उनका वाहन सड़क के डिवाइडर से टकराकर एक बड़े गड्ढे में गिर गया। गिरने के बाद वे सड़क पर आ गईं, जहां एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि स्कूटर चालक ने “किसी तरह नियंत्रण खो दिया”, लेकिन परिजनों का कहना है कि असली वजह सड़क पर मौजूद खतरनाक गड्ढा था, जिसे समय रहते ठीक नहीं किया गया।

पुलिस पर आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सबूतों को ठीक से संरक्षित नहीं किया और मामले की जांच में पारदर्शिता नहीं बरती। इस पर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

मामले में एसोसिएशन के निदेशक पी. बी. सतीश ने त्रिशूर रेंज के डीआईजी को शिकायत सौंपकर जांच की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि सड़क पर मौजूद बंद किए गए गड्ढे को फिर से खोला जाए और उसका विस्तृत निरीक्षण किया जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

परिजनों का कहना है कि यह केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। उनका आरोप है कि समय पर सड़क की मरम्मत नहीं की गई और दुर्घटना स्थल को भी ठीक से सुरक्षित नहीं रखा गया, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि सड़क की हालत सुधारने के लिए समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए, जबकि यह इलाका पहले से ही खतरनाक स्थिति में था।

स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। साथ ही, सड़क सुरक्षा मानकों की समीक्षा की भी मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सड़क रखरखाव की कमी अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। ऐसे मामलों में जांच और जवाबदेही बेहद जरूरी हो जाती है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों ही मामले की जांच में जुटे हुए हैं, लेकिन आरोपों के कारण स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।

कुल मिलाकर, यह मामला सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

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