Kerala : नींदूर में चमगादड़ों का बड़ा जमावड़ा, खाली इमारत की पार्किंग बना बसेरा
Kerala केरल: नींदूर क्षेत्र में चमगादड़ों की बढ़ती संख्या को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। प्रवट्टम जंक्शन के पास स्थित एक खाली पड़ी कंक्रीट इमारत की अंडरग्राउंड पार्किंग पिछले कई वर्षों से चमगादड़ों का स्थायी ठिकाना बन चुकी है। बताया जा रहा है कि पिछले लगभग 10 वर्षों से इस पार्किंग में हजारों की संख्या में चमगादड़ रह रहे हैं, जिससे आसपास के इलाके में असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इमारत के बंद और खाली रहने के कारण चमगादड़ों ने धीरे-धीरे यहां अपना पूरा बसेरा बना लिया है। समय के साथ इनकी संख्या बढ़ती चली गई और अब स्थिति यह हो गई है कि पार्किंग क्षेत्र पूरी तरह से चमगादड़ों से भर गया है। लोगों का कहना है कि इन चमगादड़ों के मल (बीट) और खाने-पीने के अवशेष आसपास के सीवेज सिस्टम और नालियों में भी जमा हो रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस स्थिति के कारण दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना रहता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। विशेषकर बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब गंदगी पानी के साथ बहकर नालियों में फैल जाती है। इससे मच्छरों और अन्य कीटों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो यह समस्या स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
इस बीच, पंचायत समिति के सदस्य थॉमस कोट्टूर ने कहा है कि इस मामले की जानकारी पहले ही पंचायत समिति को दे दी गई थी। उन्होंने बताया कि समस्या को लेकर चर्चा हुई है और आगे आवश्यक कदम उठाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कोई जमीनी कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बंद इमारतों में चमगादड़ों का इस तरह बड़ी संख्या में रहना न केवल पर्यावरणीय असंतुलन का संकेत है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। इनके मल से फैलने वाले बैक्टीरिया और अन्य संक्रमणों से मानव स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सफाई व्यवस्था कमजोर हो।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इमारत की सफाई, चमगादड़ों को सुरक्षित तरीके से हटाने और क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है।
फिलहाल नींदूर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य और स्वच्छता की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।