Kerala : सड़क किनारे मछली बेचने वाली दलित महिला से मारपीट का आरोप

Update: 2026-07-15 10:04 GMT

अलप्पुझा : केरल के चंथिरूर इलाके में सड़क किनारे मछली बेचने वाली एक दलित महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसी ने महिला के साथ उस समय हमला किया, जब वह मछली बेचने का काम कर रही थी। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, चंथिरूर कुनंगट्टुक्कलम निवासी अशोकन की पत्नी राधा (58) सड़क किनारे मछली बेचकर अपना जीवन यापन करती हैं। सोमवार शाम करीब 4 बजे चंथिरूर मछली बाजार के पास पुराने नेशनल हाईवे के समीप उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

पीड़िता का आरोप है कि इससे पहले भी उनकी रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। बताया गया कि रविवार को सड़क किनारे लगाए गए उनके मछली के स्टॉल और वहां रखी मछलियों को नष्ट कर दिया गया था। इसके बाद मामले को लेकर स्थानीय मछुआरा समुदाय के लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि राधा ने रविवार रात कारोबार खत्म करने के बाद बची हुई मछलियों को तालाब के पास बने एक शेड में सुरक्षित रखा था। सोमवार सुबह जब वह दोबारा मछली बेचने के लिए पहुंचीं तो वहां रखी मछलियां गायब मिलीं। आरोप है कि शेड और मछलियों को नुकसान पहुंचाया गया।

इस घटना के बाद चंथिरूर क्षेत्र के मछुआरों में नाराजगी फैल गई। उन्होंने अरूर पुलिस स्टेशन में पुथनपुरक्कल निवासी रफीक नामक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में मछली बिक्री में बाधा डालने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

पीड़िता और स्थानीय लोगों का आरोप है कि राधा को लगातार परेशान किया जा रहा था। उनका कहना है कि सड़क किनारे मछली बेचकर परिवार चलाने वाली महिला के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर मामला है। लोगों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बताया जा रहा है कि सोमवार को शिकायत के बाद ही विवाद बढ़ा और कथित रूप से राधा के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और मामले की जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, छोटे स्तर पर व्यापार करने वाले मछुआरे और सड़क किनारे कारोबार करने वाले कई लोग ऐसी समस्याओं का सामना करते हैं। उनका कहना है कि गरीब और छोटे व्यापारियों को अपना काम करने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।

इस घटना ने सामाजिक भेदभाव और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले को केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि जांच के बाद ही आगे बढ़ाया जाएगा।

राधा का कहना है कि उनका काम ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें सुरक्षित तरीके से कारोबार करने दिया जाए और उनके साथ हुई घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय मछुआरा समुदाय की नजर अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाया जाएगा।

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