Kerala केरल: पुलुत अदायिनिकाड रेजिडेंट्स ट्रस्ट के अधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में स्थानीय क्षेत्र में स्ट्रीट कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि निजी घरों में लगातार खाना खिलाए जाने के कारण स्ट्रीट डॉग्स का जमावड़ा बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में तीन अलग-अलग लोगों पर कुत्तों ने हमला किया, जिनमें एक बुजुर्ग और एक छात्र भी शामिल हैं। इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया है और लोग रात के समय बाहर निकलने से भी बच रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे कई बार आक्रामक हो जाते हैं। एक घटना में अचानक हुए हमले के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग गिरकर घायल हो गए।
ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि एक निजी व्यक्ति अपने घर पर लगभग 20 स्ट्रीट कुत्तों को नियमित रूप से खाना खिलाता है। उनका कहना है कि इसी वजह से कुत्तों का झुंड उस क्षेत्र में इकट्ठा रहता है और लोगों के लिए खतरा पैदा करता है।
इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की थी। शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित व्यक्ति को समझाया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उसे चेतावनी दी कि यदि वह बिना अनुमति कुत्तों को खिलाना और पालना जारी रखता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
हालांकि, आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति ने अपनी गतिविधियां बंद नहीं कीं। इस वजह से स्थानीय निवासियों और उस व्यक्ति के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इलाके के लोगों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि कुत्तों के झुंड दिन और रात दोनों समय घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बना रहता है।
ट्रस्ट के अधिकारियों ने मांग की है कि नगर प्रशासन इस मामले में सख्त नियम लागू करे और सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट डॉग्स के जमावड़े को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पशु नियंत्रण नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
कुल मिलाकर, स्ट्रीट डॉग्स से जुड़ी यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में आवारा जानवरों के प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन की आवश्यकता को उजागर करती है।