केरल: केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत से माफी मांगी। यह माफी केरल कांग्रेस इकाई के आधिकारिक 'X' (ट्विटर) अकाउंट पर डाली गई एक विवादित पोस्ट को लेकर मांगी गई है। यह माफी सुप्रीम कोर्ट के एक वकील द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस के जवाब में दी गई है।
KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ ने अपने जवाब में कहा कि यह पोस्ट बिना किसी अनुमति के डाली गई थी और यह कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति को उसके पद से हटा दिया गया है।
जवाब के अनुसार, यह पोस्ट विजय थोट्टाथिल ने डाली थी। विवाद तब शुरू हुआ जब 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान केरल कांग्रेस के आधिकारिक 'X' अकाउंट से मुख्य न्यायाधीश को निशाना बनाते हुए कुछ टिप्पणियां की गईं। विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था।
इस पोस्ट में मुख्य न्यायाधीश के उस बयान पर नाराजगी जताई गई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कानूनी मुद्दों के कारण वे 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं से नहीं मिल सकते। पोस्ट में भड़काऊ टिप्पणी की गई थी, "सूर्य कांत, इस्तीफा दो। हम तुम्हारी जगह किसी और को ले आएंगे।" चूंकि यह टिप्पणी देश की न्यायपालिका के प्रमुख के खिलाफ थी, इसलिए इसने एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा कर दिया।
बाद में केरल कांग्रेस इकाई ने इस पोस्ट को हटा दिया। KPCC अध्यक्ष, जो राज्य के ऊर्जा मंत्री भी हैं, ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि पार्टी का इन टिप्पणियों से कोई लेना-देना नहीं है। राज्य कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया है कि यह पोस्ट बिना अनुमति के डाली गई थी और यह पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं है।
जवाब में यह भी बताया गया कि जिम्मेदार व्यक्ति को हटा दिया गया है, जो इस घटना के खिलाफ की गई कार्रवाई का हिस्सा है। इस घटना ने कांग्रेस इकाई को एक शर्मनाक स्थिति में डाल दिया, खासकर ऐसे समय में जब 'इंडिया' गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा था।
इस मार्च का मकसद ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की विपक्ष की मांग की ओर ध्यान खींचना था, लेकिन सोशल मीडिया पर डाली गई इस विवादित पोस्ट ने सबका ध्यान कांग्रेस इकाई के अपने बर्ताव की ओर मोड़ दिया। कानूनी नोटिस के जवाब में KPCC ने आधिकारिक तौर पर यह दर्ज कराया है कि पोस्ट बिना अनुमति के डाली गई थी और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से इस पर खेद भी जताया है।
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