Kerala: तिरुवनंतपुरम. केरल (Kerala Baby Case) में जिस बच्चे को गोद लेने के मुद्दे पर विवाद पैदा हो गया था, उसके जैविक माता-पिता अनुपमा चंद्रन (Anupama Chandran) तथा उनके पति अजीत (K Ajith) हैं. दंपति और नवजात बच्चे की डीएनए जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि कल राजीव गांधी जैवप्रौद्योगिकी केंद्र (RGCB) में बच्चे और दंपति की कराई गयी DNA जांच का परिणाम 'पॉजिटिव' आया है.

जांच परिणाम के बारे में सूचित किये जाने के बाद दंपति बच्चे को देखने निर्मला शिशु भवन पहुंचे, जिसे अनुपमा ने पिछली बार तब देखा था, जब वह केवल तीन दिन का था. बाल कल्याण समिति (CWC) के अधीन आने वाले शिशु भवन से बाहर निकलकर अनुपमा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्हें बच्चा वापस मिल गया है, लेकिन अब उनके लिए बच्चे को यहां छोड़ना मुश्किल हो रहा है. बातचीत में वह भावुक हो गयी.
विपक्ष ने उठाए सवाल
उन्होंने उम्मीद जताई कि अब इस मामले में फैमिली कोर्ट में सुनवाई 30 नवंबरसे पहले होगी. अनुपमा ने कहा कि अदालत द्वारा सुनवाई के बाद उसे उसका बेटा जल्द मिल जाएगा. राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने कहा कि राज्य की माकपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि अनुपमा के बच्चे के कथित अपहरण और गोद लिये जाने के सिलसिले में CWC में काम कर रहे लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी है.
अनुपमा ने आरोप लगाया था कि उनके पिता जो एक स्थानीय माकपा नेता हैं, वह उनके बच्चे को जबरन अपने साथ ले गये थे, जिसके बाद राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था और सरकार ने घटना की विभागीय जांच के आदेश दिये.अनुपमा ने अपने माता-पिता पर एक साल पहले उनके बच्चे को जन्म लेते ही जबरन ले जाने का आरोप लगाया था. एक फैमिली कोर्ट ने पिछले महीने बच्चे के गोद लेने की प्रक्रिया पर रोक लगाई थी और पुलिस को मामले में सीलबंद लिफाफे में विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया.
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