तिरुवनंतपुरम: केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए कहा था और "जीतने पर केंद्रीय मंत्री बनने" का प्रस्ताव दिया था।
थॉमसन के इन दावों के बाद CPI के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने तीखा राजनीतिक हमला किया।
2016 में सेवा से रिटायर हुए पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने कहा कि कुमार ने दिल्ली की एक उड़ान के दौरान यह सुझाव दिया था, जब वे दोनों साथ यात्रा कर रहे थे।
थॉमसन के अनुसार, कुमार ने उनसे पूछा कि क्या वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और कहा कि अगर वह चुने जाते हैं, तो केंद्रीय मंत्री बन सकते हैं। थॉमसन का दावा है कि कुमार ने यह भी सुझाव दिया कि मुख्य सचिव पद से रिटायर होने के बाद वह बीजेपी में शामिल हो जाएं।
थॉमसन ने कहा कि उन्होंने कुमार से कहा कि उन्हें चुनावी राजनीति में आने में कोई दिलचस्पी नहीं है और उन्होंने इस सुझाव को ठुकरा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हैरानी हुई कि कुमार की तरफ से ऐसा प्रस्ताव आया।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब कुमार को चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर बढ़ती राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
विभिन्न दलों ने उन्हें हटाने की मांग की है और 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
थॉमसन के खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए CPI के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने CEC पर कड़ा हमला किया और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की।
विश्वम ने इस कथित प्रस्ताव को "शर्मनाक" बताया और कहा कि इससे कुमार के राजनीतिक जुड़ाव और सरकारी सेवा के दौरान उनके आचरण पर गंभीर सवाल उठते हैं।
विश्वम ने कहा कि इस खुलासे से पता चलता है कि कुमार बीजेपी के लिए किस हद तक जाने को तैयार थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार अपने विभिन्न पदों के माध्यम से बीजेपी के करीबी बन गए थे।
विश्वम ने मांग की कि कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से तुरंत इस्तीफा दें।
ये आरोप चुनाव आयोग को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच सामने आए हैं।
विश्वम ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग बीजेपी सरकारों के हाथों की कठपुतली के तौर पर काम कर रहा है और कहा कि वामपंथी दलों का यह कर्तव्य है कि वे विरोध करें। इस बीच, चुनाव आयोग ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि दूसरे चुनाव आयुक्तों की ओर से जताई गई अंदरूनी आपत्तियां संस्थागत असहमति थीं। आयोग का कहना है कि सवाल, टिप्पणियां और तकनीकी सुझाव कई सदस्यों वाली संवैधानिक संस्था के सामान्य कामकाज का हिस्सा हैं।
थॉमसन के नए खुलासे से कुमार से जुड़े विवाद में एक और राजनीतिक पहलू जुड़ने की संभावना है।