कोल्लम। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को केरल के कोल्लम में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCCF) से जुड़ी कई नई पहलों का उद्घाटन किया। इन पहलों का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के साथ महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और महिला नेतृत्व वाले सहकारी उद्यमों को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम कोल्लम के कुंडारा स्थित पवित्रम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने देश में अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र के लिए केंद्र में अलग मंत्रालय बनाने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। केंद्र सरकार ने जुलाई 2021 में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया था। मंत्रालय का उद्देश्य देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और सहकारी संस्थाओं के लिए बेहतर नीतिगत एवं प्रशासनिक ढांचा विकसित करना है।शाह ने कहा कि सहकारिता का मॉडल देश के किसानों, ग्रामीण लोगों और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से छोटे स्तर पर काम करने वाले लोगों को संगठित कर उन्हें बाजार, वित्तीय सहायता और दूसरे अवसरों से जोड़ा जा सकता है।
कोल्लम में आयोजित NCCF सम्मेलन का विशेष फोकस सहकारी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर रहा। कार्यक्रम को ‘सहकार से समृद्धि’ थीम के तहत आयोजित किया गया। इसमें महिला नेतृत्व वाले सहकारी उद्यमों को बढ़ावा देने और उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।इस दौरान अमित शाह ने ‘Vanitham She-Mart’ दुकानों सहित NCCF की विभिन्न पहलों का उद्घाटन किया। महिला केंद्रित इन पहलों का मकसद महिलाओं को सहकारी व्यवस्था के जरिए आर्थिक गतिविधियों में अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान NCCF की मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाई गई। ये मोबाइल वैन बफर स्टॉक से प्याज को रियायती दर पर बेचने के लिए इस्तेमाल की जाएंगी। कार्यक्रम से पहले जारी जानकारी के मुताबिक इन वैन के माध्यम से प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराने की योजना है।इसके अलावा ‘नंदिनी सहकार’ और ‘स्वयं शक्ति सहकार’ योजनाओं के विस्तार की भी शुरुआत की गई। इन पहलों को महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सहकारी क्षेत्र में उनकी भूमिका को बढ़ाने से जोड़कर देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से सहकारी संस्थाओं को आर्थिक गतिविधियों के नए क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दे रही है। सरकार का कहना है कि सहकारिता के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने, किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की संभावनाएं हैं।सहकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय सहकारिता नीति में भी महिलाओं, युवाओं, छोटे और सीमांत किसानों तथा कमजोर वर्गों की भागीदारी बढ़ाने को प्रमुख उद्देश्य बनाया गया है। इसमें महिला सशक्तिकरण के लिए डेयरी सहकारी समितियों सहित अलग-अलग क्षेत्रों में सहकारी नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया गया है।
सरकार की रणनीति में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी PACS को भी ज्यादा गतिविधियों से जोड़ना शामिल है। मॉडल उपविधियों के माध्यम से PACS को 25 से अधिक तरह की व्यावसायिक गतिविधियां करने की सुविधा देने की दिशा में काम किया गया है। इसके साथ सदस्यता को अधिक समावेशी बनाने और महिलाओं तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रतिनिधित्व के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
अमित शाह इससे पहले भी सहकारी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को बढ़ाने पर जोर देते रहे हैं। सरकार का मानना है कि डेयरी, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, विपणन और ग्रामीण उद्यमों में सहकारी मॉडल महिलाओं को सीधे आर्थिक गतिविधियों से जोड़ सकता है।कोल्लम में आयोजित कार्यक्रम भी इसी दिशा में केंद्रित रहा। NCCF की नई पहलों के जरिए महिलाओं को बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों तथा उद्यमों के लिए सहकारी नेटवर्क का उपयोग करने पर जोर दिया गया। महिला नेतृत्व वाली सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
NCCF देश की प्रमुख बहु-राज्य सहकारी संस्थाओं में से एक है। यह आवश्यक वस्तुओं की खरीद, वितरण और उपभोक्ताओं तक उत्पाद पहुंचाने से संबंधित गतिविधियों में काम करती है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में NCCF जैसी संस्थाओं का उपयोग सरकार बफर स्टॉक से उपभोक्ताओं तक वस्तुएं पहुंचाने के लिए भी करती रही है।कोल्लम कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी अतिथि के रूप में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में थे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ NCCF के प्रबंध निदेशक अनीस जोसेफ चंद्रा और चेयरमैन विशाल सिंह की भागीदारी भी निर्धारित थी।
सहकारिता क्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार का जोर इसे पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखने पर है। हाल के वर्षों में सहकारी संस्थाओं को निर्यात, जैविक उत्पाद, बीज उत्पादन, टैक्सी सेवा, अनाज भंडारण और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए अलग-अलग पहल की गई हैं। सरकार का कहना है कि इससे सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को सीधे आर्थिक लाभ के नए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।कोल्लम में NCCF की नई पहलों के उद्घाटन के साथ महिला सशक्तिकरण को सहकारी आंदोलन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। ‘Vanitham She-Mart’, ‘नंदिनी सहकार’ और ‘स्वयं शक्ति सहकार’ जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को सहकारी अर्थव्यवस्था में अधिक सक्रिय भूमिका देने का प्रयास किया जा रहा है।
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान सहकारी आंदोलन को देश के आर्थिक और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन को इस क्षेत्र को नई दिशा देने वाला कदम बताया और कहा कि सरकार सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने तथा इसके लाभ को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।कोल्लम में आयोजित यह कार्यक्रम महिला नेतृत्व वाली सहकारी गतिविधियों के विस्तार और उपभोक्ता सहकारिता को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। नई पहलों के जरिए सरकार और NCCF का जोर सहकारी नेटवर्क को अधिक व्यापक बनाने के साथ महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने पर है।