छात्रों की पहल से आदिवासी परिवार के घर लौटी बिजली

Update: 2026-07-27 09:43 GMT

केरल : अदिमाली स्थित SNDP वोकेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने सामाजिक जिम्मेदारी की एक अनोखी मिसाल पेश की है। स्कूल के करियर गाइडेंस एंड काउंसलिंग सेल और नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) की देखरेख में छात्रों ने कट्टामुडी आदिवासी उन्नति इलाके में रहने वाले एक गरीब परिवार के घर की खराब विद्युत वायरिंग को ठीक किया।

यह परिवार लंबे समय से अंधेरे में रहने को मजबूर था। एक आंधी-तूफान के दौरान घर की पूरी वायरिंग खराब हो गई थी, जिसके बाद बिजली की समस्या दूर नहीं हो सकी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार अपने स्तर पर मरम्मत नहीं करा पा रहा था। कई महीनों तक परिवार को बिना बिजली के परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय वार्ड सदस्य एम.जी. अलियार को जब इस समस्या की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्कूल के छात्रों से मदद की अपील की। इसके बाद छात्रों ने इस परिवार की सहायता करने का निर्णय लिया और अपने तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हुए घर की वायरिंग ठीक करने का जिम्मा उठाया।

स्कूल के वोकेशनल छात्रों ने पूरी योजना बनाकर काम शुरू किया। उन्होंने घर की खराब वायरिंग की जांच की और जरूरी मरम्मत कार्य पूरा किया। छात्रों ने न केवल बिजली व्यवस्था को दोबारा चालू किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि घर में बिजली का उपयोग सुरक्षित तरीके से किया जा सके।

इस पहल के जरिए छात्रों ने केवल एक परिवार की समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि समाज सेवा और जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। स्कूल प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों और जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है।

नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) का उद्देश्य भी युवाओं में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। छात्रों की इस पहल को इसी उद्देश्य का उदाहरण माना जा रहा है।

कट्टामुडी आदिवासी क्षेत्र में रहने वाले इस परिवार के लिए बिजली की सुविधा वापस मिलना बड़ी राहत है। लंबे समय तक अंधेरे में रहने के बाद अब परिवार के सदस्य सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगे। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और रोजमर्रा की गतिविधियों में भी आसानी होगी।

स्थानीय लोगों ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना की है। उनका कहना है कि अक्सर छोटी-सी मदद भी किसी जरूरतमंद परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। छात्रों ने अपनी मेहनत और तकनीकी कौशल से यह साबित किया कि युवा वर्ग समाज की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

स्कूल के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के सामाजिक कार्य छात्रों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान में योगदान देने का अवसर देते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।

छात्रों ने भी इस कार्य को अपने लिए एक सीखने वाला अनुभव बताया। उनका कहना है कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना केवल सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी वे ऐसे सेवा कार्यों में हिस्सा लेते रहेंगे।

आदिवासी क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवार की मदद के लिए उठाया गया यह कदम स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर परिवार को लंबे समय बाद रोशनी मिली, वहीं दूसरी ओर छात्रों की इस पहल ने शिक्षा संस्थानों की सामाजिक भूमिका को भी उजागर किया है।

SNDP वोकेशनल हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों का यह प्रयास यह संदेश देता है कि युवाओं के ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए किया जा सकता है। छोटी-सी पहल भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

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