Thiruvananthapuram तिरुवनंतपुरम :केरल में इस समय जारी तेज गर्मी के चलते बिजली की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्थिति को संभालने के लिए राज्य में शाम 6 बजे से लेकर आधी रात के बीच जरूरत पड़ने पर 30 मिनट से कम समय का पावर कट लगाने की तैयारी की गई है। यह कदम बिजली ग्रिड पर दबाव कम करने और सप्लाई को संतुलित रखने के लिए उठाया जा रहा है।
इसको लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिजली व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह फैसला लिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर लोड-शेडिंग लागू करने का अधिकार State Load Dispatch Center के चीफ इंजीनियर को दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि सिस्टम पर अचानक दबाव न पड़े।
बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर रोजाना निगरानी रखी जाएगी और वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम लगातार समीक्षा करेगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लिया जा सकेगा और बिजली व्यवस्था को स्थिर रखा जा सकेगा।
यह बैठक एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (पावर) पुनीत कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें Kerala State Electricity Board (KSEB) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मिन्हाज आलम, डायरेक्टर, चीफ इंजीनियर और बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में राज्य की मौजूदा बिजली स्थिति, मांग में बढ़ोतरी और आने वाले दिनों की संभावित चुनौती पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के कारण घरेलू उपयोग, वाणिज्यिक गतिविधियों और एसी लोड में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे बिजली खपत सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गई है। खासकर शाम के समय बिजली की मांग सबसे अधिक दर्ज की जा रही है। इसी समय ग्रिड पर सबसे ज्यादा दबाव बन रहा है।
स्थिति को देखते हुए तय किया गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो केवल सीमित समय के लिए पावर कट लगाया जाएगा, ताकि पूरे सिस्टम को ब्लैकआउट जैसी स्थिति से बचाया जा सके। यह पावर कट केवल कुछ क्षेत्रों में और नियंत्रित तरीके से लागू किया जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सभी तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। ग्रिड मैनेजमेंट, सप्लाई कंट्रोल और डिमांड मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
केरल में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसके कारण कूलिंग उपकरणों का उपयोग काफी बढ़ गया है। इससे घरेलू और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में अगर तापमान में कमी नहीं आती है, तो लोड-शेडिंग की स्थिति कुछ समय तक बनी रह सकती है। हालांकि इसे न्यूनतम समय और नियंत्रित तरीके से लागू करने की योजना है।
बिजली विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक बिजली खपत से बचें और पीक आवर्स में बिजली का संयमित उपयोग करें। इससे ग्रिड पर दबाव कम होगा और पावर कट की स्थिति को टाला जा सकेगा।
कुल मिलाकर, केरल में बढ़ती गर्मी और बिजली मांग ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है, और सिस्टम को सुचारू रखने के लिए नियंत्रित पावर मैनेजमेंट की तैयारी की गई है।