केरल : रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी और बुकिंग रद्द होने के नियम को लेकर ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राहकों का कहना है कि सिलेंडर समय पर नहीं पहुंचने के बावजूद बुकिंग अपने आप रद्द हो जाती है, जिसके बाद उन्हें दोबारा बुकिंग करानी पड़ती है।
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, अगर गैस एजेंसी बुकिंग की तारीख से दो दिन के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं कर पाती है, तो तेल कंपनियों की ओर से बुकिंग रद्द कर दी जाती है। इसके बाद ग्राहक को सिलेंडर पाने के लिए फिर से नई बुकिंग करनी पड़ती है।
देरी का खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा
ग्राहकों का आरोप है कि डिलीवरी में देरी एजेंसी या वितरण व्यवस्था की वजह से होती है, लेकिन इसका नुकसान उन्हें उठाना पड़ता है।
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने समय पर सिलेंडर बुक किया, लेकिन एजेंसी की ओर से समय पर आपूर्ति नहीं हुई। दो दिन की समय सीमा खत्म होते ही उनकी बुकिंग रद्द हो गई और उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
इससे खासकर उन परिवारों को परेशानी होती है, जिनके घर में दूसरा सिलेंडर उपलब्ध नहीं होता।
ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या ज्यादा
यह समस्या ग्रामीण इलाकों में अधिक देखने को मिल रही है। दूरदराज के क्षेत्रों में डिलीवरी नेटवर्क कमजोर होने और परिवहन संबंधी परेशानियों के कारण सिलेंडर पहुंचने में देरी हो जाती है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार उन्हें कई दिनों तक सिलेंडर का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में बुकिंग रद्द होने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
एजेंसियों और ग्राहकों के बीच बढ़ रहे विवाद
बुकिंग रद्द होने के कारण कई जगहों पर गैस डिस्ट्रीब्यूशन एजेंसियों और ग्राहकों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है।
ग्राहक एजेंसियों पर समय पर डिलीवरी नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि एजेंसियों का कहना है कि कई बार उनके पास पर्याप्त स्टॉक नहीं होता या वितरण व्यवस्था में दिक्कतें आती हैं।
इस वजह से उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों के बीच तनाव बढ़ रहा है।
स्टॉक की कमी और कर्मचारियों की हड़ताल बनी वजह
स्थानीय गैस एजेंसियों के अनुसार, सिलेंडर की उपलब्धता में कमी और वितरण कंपनियों में कर्मचारियों की हड़ताल जैसी वजहों से समय पर डिलीवरी करना मुश्किल हो रहा है।
एजेंसी संचालकों का कहना है कि जब स्टॉक ही समय पर उपलब्ध नहीं होगा तो तय समय सीमा के अंदर हर बुकिंग पूरी करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि देरी के लिए केवल एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है, क्योंकि कई बार आपूर्ति श्रृंखला में ही समस्या होती है।
BPCL और इंडियन ऑयल से जुड़ी एजेंसियों में ज्यादा परेशानी
बताया जा रहा है कि भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और इंडियन ऑयल जैसी बड़ी तेल कंपनियों से जुड़ी कुछ एजेंसियों में यह समस्या ज्यादा सामने आ रही है।
ग्राहकों का कहना है कि बड़ी संख्या में बुकिंग लंबित होने के कारण डिलीवरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मंत्रालय के निर्देशों पर उठे सवाल
कहा जा रहा है कि बुकिंग रद्द करने की यह प्रक्रिया केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर की जा रही है।
हालांकि, स्थानीय एजेंसियों और उपभोक्ताओं का कहना है कि इस संबंध में कोई स्पष्ट लिखित निर्देश उपलब्ध नहीं हैं।
इस वजह से भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि देरी होने पर बुकिंग रद्द करने का नियम किस आधार पर लागू किया जा रहा है।
ग्राहकों ने मांगी राहत
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि अगर देरी वितरण व्यवस्था की वजह से होती है तो बुकिंग रद्द नहीं की जानी चाहिए।
उनका कहना है कि ग्राहक ने समय पर बुकिंग कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है, इसलिए एजेंसी की देरी का बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जाना चाहिए।
व्यवस्था सुधारने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि LPG वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और डिलीवरी सिस्टम में पारदर्शिता लाने की जरूरत है।
ग्राहकों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराना जरूरी है, क्योंकि रसोई गैस आज हर परिवार की बुनियादी जरूरत बन चुकी है।
फिलहाल सिलेंडर बुकिंग रद्द होने के नियम को लेकर ग्राहकों की नाराजगी बढ़ रही है। आने वाले समय में तेल कंपनियां और सरकार इस व्यवस्था में कोई बदलाव करती हैं या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।