तिरुवनंतपुरम: गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि सबरीमाला तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक पुलिस इंतज़ाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीर्थयात्रियों को 'वर्चुअल क्यू सिस्टम' (ऑनलाइन कतार प्रणाली) का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से पड़ोसी राज्यों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी करेंगे। क्षेत्रीय भाषाओं में प्रेस विज्ञप्तियां जारी की जाएंगी, साथ ही प्रमुख स्थानों पर साइनबोर्ड और सार्वजनिक घोषणा प्रणालियां लगाई जाएंगी। ये निर्णय सबरीमाला तीर्थयात्रा के लिए पुलिस की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सचिवालय में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिए गए।
चेन्निथला ने पुलिस कर्मियों को तीर्थयात्रियों के साथ दोस्ताना और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने का निर्देश दिया। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स और फायर एंड रेस्क्यू फोर्स को तैनात किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी कि मरक्कोट्टम सहित प्रमुख मार्गों पर फायर हाइड्रेंट चालू हालत में हों। निलक्कल में पार्किंग सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। चाकुपलम में, अतिरिक्त 400 से 500 वाहनों की पार्किंग के लिए जगह बनाने हेतु मिट्टी हटाई जाएगी। तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस और गति की सख्ती से जांच की जाएगी।
सन्निधानम, पंपा और निलक्कल में सीसीटीवी निगरानी को पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। कुन्नार बांध, पंडिथावलम में पानी की टंकी और एलपीजी सिलेंडर भंडारण केंद्रों पर सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएंगे। सन्निधानम और पंपा में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया जाएगा। पंपा नदी में कपड़े फेंकने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सबरीमाला ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ आवास और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मिन्हाज आलम, पुलिस प्रमुख रेवाड़ा चंद्रशेखर और सबरीमाला के मुख्य पुलिस समन्वयक पी. विजयन सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।