तिरुवनंतपुरम। केरल के कोच्चि में ऐतिहासिक कडावुभागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी की घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने बुधवार, 14 अक्टूबर को इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केरल के मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुरलीधरन ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में केरल का रवैया लंबे समय से नरम रहा है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है और इससे मौजूदा घटना में किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता प्रमाणित नहीं होती।
तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए वी. मुरलीधरन ने कहा कि कोच्चि में यहूदी समुदाय के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के पास आगजनी की घटना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इनके पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है।बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि केरल को आतंकवाद से जुड़े मामलों में लंबे समय से नरम रुख वाला राज्य माना जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे राज्यों के लोग भी हमलों को अंजाम देने के लिए केरल आते रहे हैं। मुरलीधरन ने राज्य से जुड़े कुछ पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। हालांकि, उनके इन व्यापक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मुरलीधरन ने कहा कि कोच्चि में सामने आई घटना केवल आगजनी के एक सामान्य मामले के रूप में नहीं देखी जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केरल के मुख्यमंत्री से मामले पर ध्यान देने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं के पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका होने की संभावना की भी जांच होनी चाहिए।दरअसल, 12 अक्टूबर की तड़के कोच्चि के एर्नाकुलम मार्केट इलाके में स्थित कडावुभागम सिनेगॉग के पास आगजनी की घटना हुई थी। पुलिस के अनुसार, सिनेगॉग के सामने स्थित ब्लॉसम नर्सरी परिसर में पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी। घटना रात करीब ढाई बजे हुई थी।
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 32 वर्षीय एबिन पॉल को गिरफ्तार किया है। आरोपी एर्नाकुलम जिले के पुथेनक्रूज इलाके का रहने वाला बताया गया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी एक कार से घटनास्थल के पास पहुंचा था। उसने कथित तौर पर नर्सरी परिसर में पेट्रोल डालकर आग लगाई और घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। वाहन से जुड़ी जानकारी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ में कुछ संदिग्ध डिजिटल संपर्कों की जानकारी सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने किसके निर्देश पर आगजनी की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में था, जिसे वह कथित तौर पर 'बॉस' कहता था। जांच अधिकारियों को संदेह है कि इसी व्यक्ति के निर्देश पर आरोपी ने घटना को अंजाम दिया हो सकता है।कोच्चि पुलिस के अनुसार, आरोपी को कथित तौर पर आगजनी करने के बदले पैसे भी दिए गए थे। पुलिस इस लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी के संपर्क में रहने वाला व्यक्ति कौन था और क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
जांच के दौरान आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से आरोपी के संपर्कों, कथित आर्थिक लेनदेन और घटना के वास्तविक उद्देश्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।इस मामले में संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी विदेशी आतंकवादी संगठन की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारी सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को संदिग्ध नशीले पदार्थ भी मिले हैं। इस बरामदगी को लेकर अलग मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पुलिस मुवाट्टुपुझा इलाके में पूर्व में हुई आगजनी की एक अन्य घटना से आरोपी के संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।बीजेपी नेता वी. मुरलीधरन ने इन घटनाक्रमों के बीच राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के आसपास ऐसी घटनाएं गंभीर विषय हैं और जिम्मेदार एजेंसियों को इनकी विस्तृत जांच करनी चाहिए।
फिलहाल कोच्चि आगजनी मामले में गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लेने की प्रक्रिया अपना रही है। जांच एजेंसियां फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास कर रही हैं।कोच्चि सिनेगॉग के पास आगजनी की घटना पर अब सुरक्षा संबंधी चिंताओं के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आ रही है। हालांकि, आगजनी के पीछे आतंकवादी साजिश या किसी बड़े संगठन की भूमिका थी या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।