चेरथला: आठ साल की एक सफेद लैब्राडोर कुतिया, जो इतनी कमजोर हो गई थी कि चल भी नहीं पा रही थी, उसके पेट में एक ट्यूमर पाया गया। इसे निकालने के लिए चेरथला वेटरनरी क्लिनिक में उसकी चार घंटे तक एक जटिल सर्जरी की गई। यह कुतिया चेरथला के मायिथारा, मुंडुपरामबिल के रहने वाले कृष्णदास की है।
काफी समय से कुतिया की तबीयत ठीक नहीं थी और वह चल-फिर भी नहीं पा रही थी। इसके बाद उसे सरकारी वेटरनरी क्लिनिक के डॉ. संगीत नारायणन के पास ले जाया गया। वहां स्कैन करने पर पता चला कि उसे 'मैमरी ट्यूमर' (स्तन ट्यूमर) है। फिर डॉ. संगीत के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने उसका ऑपरेशन किया। इस टीम में डॉ. अश्वनी बाबूराज, डॉ. शालिनी विल्किंसन और डॉ. एस. जयश्री भी शामिल थीं।
हालांकि कुतिया की मौजूदा उम्र इंसानों के हिसाब से 80 साल के बराबर है, फिर भी उसके मालिकों ने अपने पालतू जानवर के प्रति गहरे प्यार के कारण उसकी सर्जरी कराने का फैसला लिया। अब वह कुतिया घर में इधर-उधर दौड़-भाग सकती है और ठीक से खाना भी खा सकती है।
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